अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में ओमान की खाड़ी और अरब सागर में नाकाबंदी लागू कर दी है और यह नाकाबंदी सभी प्रकार के जहाजों पर लागू होगी, चाहे उनका ध्वज किसी भी देश का हो. सोमवार को रॉयटर्स द्वारा देखी गई नाविकों को भेजी गई एक सूचना में अमेरिकी केंद्रीय कमान ने भारत के समय के अनुसार शाम साढ़े सात बजे से शुरू करने का दावा किया था.
क्या सभी जहाजों को रोका जाएगा
सूचना में आगे कहा गया है, “बिना अनुमति के नाकाबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले किसी भी जहाज को रोका जा सकता है, उसका मार्ग बदला जा सकता है और उसे जब्त किया जा सकता है. नाकाबंदी से होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गैर-ईरानी गंतव्यों के लिए आने-जाने वाले तटस्थ पारगमन मार्ग में कोई बाधा नहीं आएगी.”
रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि यह नाकाबंदी “पूरे ईरानी समुद्री तट” को कवर करेगी. इसमें ईरानी बंदरगाह और तेल टर्मिनल शामिल हैं, लेकिन सिर्फ इन्हीं तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भोजन और चिकित्सा सामग्री जैसी मानवीय सहायता वाले जहाज़ों को जाँच के बाद आने-जाने की अनुमति दी जाएगी.
ईरान ने दी चेतावनी
वहीं ईरान की प्रेस टीवी ने एक्स पर ट्वीट किया है कि ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद इब्न रजा ने कहा है कि हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं, और सशस्त्र बल पूरी तरह से सतर्क हैं. दुश्मन द्वारा किसी भी प्रकार की आक्रामकता या उकसावे का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा.
🔴 Iran’s Acting Minister of Defense Brigadier General Seyyed Majid Ibn Reza:
🔺 We are ready for any scenario, and the armed forces are on maximum combat alert.
🔺 Any act of aggression or provocation by the enemy will be met with a harsh and decisive response. pic.twitter.com/t8n5GrJa4a
— Press TV 🔻 (@PressTV) April 13, 2026
प्रेस टीवी की तरफ से ही ईरान के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता का बयान जारी किया गया है कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में बंदरगाहों की सुरक्षा या तो सबके लिए है या किसी के लिए नहीं. शत्रु से संबद्ध जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का अधिकार नहीं है और न ही होगा. अन्य जहाजों को ईरान के सशस्त्र बलों के नियमों का पालन करते हुए जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति होगी. यदि ईरान के बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरा होता है, तो फारस की खाड़ी या ओमान सागर में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा.
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