अशोक खरात के ठिकानों पर एक साथ IT-ED का छापा, नासिक-पुणे-शिरडी समेत 11 से अधिक जगहों पर सर्च ऑपरेशन जारी

अशोक खरात के ठिकानों पर एक साथ IT-ED का छापा, नासिक-पुणे-शिरडी समेत 11 से अधिक जगहों पर सर्च ऑपरेशन जारी अशोक खरात के ठिकानों पर एक साथ IT-ED का छापा, नासिक-पुणे-शिरडी समेत 11 से अधिक जगहों पर सर्च ऑपरेशन जारी

Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र के नासिक में खुद को गॉडमैन बताने वाले अशोक खरात का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है. अशोक खरात के खिलाफ अब तक 15 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. इस मामले में पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है. जांच के बीच इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है. सोमवार, 13 अप्रैल को आयकर विभाग और ED ने एक साथ अशोक खरात के 11 से अधिक ठिकानों पर छापा मारा. IT और ED के अधिकारियों ने आज सुबह नासिक, पुणे और शिरडी में 11 से अधिक ठिकानों पर दबिश दी है. 

आर्थिक लेनदेन और बेनामी संपत्ति की जांच 

आयकर विभाग (IT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) मिलकर यह संयुक्त कार्रवाई की है. दोनों टीमें खरात से जुड़े आर्थिक लेनदेन और बेनामी संपत्ति के संदेह की जांच कर रही हैं. जानकारी के मुताबिक, नासिक स्थित ‘तृप्त बाला’ बंगले पर आयकर विभाग की दो टीमें कार्रवाई कर रही हैं.

वहीं ED की मुंबई जोन टीम मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कई जगहों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 83/2026 के आधार पर की जा रही है. इस केस में अशोक खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक आस्था का गलत इस्तेमाल, महिलाओं समेत कई लोगों के साथ नशा देकर अपराध करने जैसे गंभीर आरोप हैं.

खरात के 11 ठिकानों पर छापेमारी

ED की टीम आज कुल 11 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही है, जिनमें नासिक में 5 जगह, पुणे और शिरडी में 3-3 जगह शामिल है. इनमें अशोक खरात, उनके CA और रिश्तेदारों के घर और दफ्तर शामिल हैं. साथ ही उन को-ऑपरेटिव सोसायटी की शाखाओं को भी कवर किया जा रहा है, जहां फर्जी खाते खोले गए थे. ED इस पूरे मामले में पैसों के लेन-देन, निवेश और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है.

खरात ने CA के जरिए जमीन में किया निवेश

जांच में सामने आया है कि अशोक खरात ने नासिक की दो को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में कई फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाए थे. ये अकाउंट अलग-अलग लोगों के नाम पर थे, लेकिन सभी में वह खुद नॉमिनी था और अपने मोबाइल नंबर के जरिए इन खातों को कंट्रोल करता था. इतना ही नहीं, वह आम चीजों को चमत्कारी या आशीर्वादित बताकर लोगों को बेचता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था. जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी पैसे को उसने अपने CA प्रकाश पोफले और उनके बेटों के जरिए जमीनों में निवेश किया.

ये भी पढ़ें: कानपुर किडनी कांड का सरगना गिरफ्तार, 12वीं पास रोहित ने फर्जी डॉक्टर बनकर तैयार किया था रैकेट




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *