रजा पहलवी ईरान की सत्ता पर काबिज होने की पूरी प्लानिंग कर चुके हैं. एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने ईरान के लोगों को बताया कि उन्होंने ईरान में सरकार बनाने के लिए दो टीम बना दी है. साथ ही वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी कई बार तारीफ कर चुके हैं. साफ है वो खुद को ईरान में नई सत्ता का दावेदार जता रहे हैं. मगर क्या ये मुमकिन होगा? क्योंकि अभी कुछ दिनों पहले ही वेनेजुएला में तो ऐसा नहीं हुआ.
पहले पढ़िए पहलवी का मैसेज
‘प्रिय देशवासियों,
ईरान में इस्लामी गणराज्य के पतन के बाद शासन व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए पिछले कुछ महीनों में दो महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं. पहला, ईरान समृद्धि परियोजना के अंतर्गत देश के शासन के लिए एक स्पष्ट योजना का विकास. दूसरा, संक्रमणकालीन व्यवस्था में सेवा करने और इस योजना को लागू करने के लिए योग्य महिलाओं और पुरुषों की पहचान और चयन. इस प्रक्रिया में, बहुमूल्य अनुभव और विशेषज्ञता रखने वाले कई देशवासियों ने देश के पुनर्निर्माण में भाग लेने और मातृभूमि की सेवा करने की अपनी तत्परता व्यक्त की है. यह प्रक्रिया संक्रमणकालीन व्यवस्था के सदस्यों की समीक्षा और चयन के लिए गठित समिति के अंतर्गत की गई है, जिसका नेतृत्व डॉ. सईद ग़ासेमिनेजाद कर रहे हैं. इस ढांचे के अंतर्गत, पिछले कुछ महीनों में, देश के भीतर और बाहर दोनों जगह से सक्षम व्यक्तियों की पहचान की गई है और संक्रमणकालीन व्यवस्था के विभिन्न विभागों का नेतृत्व करने के लिए उनका मूल्यांकन किया गया है. मेरे नेतृत्व में बनी संक्रमणकालीन व्यवस्था, इस्लामी गणराज्य के पतन के तुरंत बाद देश की सत्ता संभालने के लिए तैयार होगी और यथासंभव कम समय में व्यवस्था, सुरक्षा, स्वतंत्रता और ईरान की समृद्धि और खुशहाली के लिए अनुकूल परिस्थितियां स्थापित करेगी.’
Dear compatriots,
To ensure that Iran does not experience a disruption in governance with the fall of the Islamic Republic, two important efforts have been underway in recent months.
First, the development of a clear plan for governing the country within the framework of the… https://t.co/ZVgRt5z4Ts
— Reza Pahlavi (@PahlaviReza) March 14, 2026
पहलवी का ईरान से नाता
पहलवी ईरान का अंतिम शाही राजवंश था, जिसने 1925 से 1979 तक शासन किया. इस वंश ने ईरान को एक आधुनिक और पश्चिम-उन्मुख देश बनाने में बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन इनके शासन का अंत एक बहुत बड़ी क्रांति के साथ हुआ.
इस राजवंश के दो मुख्य शासक रहे
- रजा शाह पहलवी (Reza Shah Pahlavi): ये इस वंश के संस्थापक थे. 1925 में एक सैन्य तख्तापलट के बाद उन्होंने सत्ता संभाली. उन्होंने ईरान के आधुनिकीकरण की नींव रखी, सेना को मजबूत किया और शिक्षा व बुनियादी ढांचे में सुधार किए.
- मुहम्मद रजा शाह पहलवी : ये रजा शाह के बेटे थे और अक्सर इन्हें ही “ईरान के शाह” के रूप में याद किया जाता है. 19533 में जब ईरान के लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री मोहम्मद मोसादेघ ने तेल का राष्ट्रीयकरण किया, तो अमेरिका (CIA) और ब्रिटेन ने उनका तख्तापलट कर दिया और शाह को पूर्ण शक्तियां सौंप दीं. उनके शासनकाल में ‘सफेद क्रांति’ हुई, जिससे ईरान आर्थिक और सामाजिक रूप से बहुत विकसित हुआ, लेकिन उनकी तानाशाही और गुप्त पुलिस के कारण लोगों में गुस्सा भी बढ़ा. शाह परिवार के सदस्य अब अमेरिका और यूरोप में रहते हैं. शाह के बेटे रजा पहलवी वर्तमान में निर्वासन में हैं और अक्सर वर्तमान ईरानी सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहते हैं. ईरान में चल रहे हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी उनका नाम चर्चा में आता रहता है.
क्यों उनका हश्र वेनेजुएला से किया जा रहा
वेनेजुएला से अब तक दो प्रमुख हस्तियों को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिनमें सबसे ताजा नाम मारिया कोरीना मचाडो का है. मारिया कोरीना मचाडो को वर्ष 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है. उन्हें वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली के लिए उनके अथक संघर्ष और तानाशाही के खिलाफ शांतिपूर्ण परिवर्तन की कोशिशों के लिए यह सम्मान मिला. वह वेनेजुएला की एक प्रमुख विपक्षी नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं. उन्हें वेनेजुएला की ‘आयरन लेडी’ भी कहा जाता है. मचाडो ने 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जीतने के बाद, जनवरी 2026 में व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना मेडल सौंप दिया. ट्रंप की भर-भर कर तारीफ की. उन्हें शांतिदूत भी कहा. उन्हें उम्मीद थी कि ट्रंप वेनेजुएला में सत्ता बदलवाने में उनकी मदद करेंगे. फिर जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी 2026 की दरमियानी रात को उनके आधिकारिक आवास से एक विशेष सैन्य अभियान (ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व) के तहत उठाया तो भी उन्हें उम्मीद जगी की अब तो सत्ता मिली ही मिली. मगर मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उन्हीं की खास डेल्सी रोड्रिग्ज ने पदभार ग्रहण किया और अब वो अमेरिका की खासमखास हैं.
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