‘ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता’, अटकलों के बीच Live आए इजरायली PM नेतन्याहू बोले- अभी मैं जिंदा हूं

'ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता', अटकलों के बीच Live आए इजरायली PM नेतन्याहू बोले- अभी मैं जिंदा हूं 'ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता', अटकलों के बीच Live आए इजरायली PM नेतन्याहू बोले- अभी मैं जिंदा हूं

तेल अवीव:

Benjamin Netanyahu PC: ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच गुरुवार रात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मीडिया के सामने लाइव आए. नेतन्याहू ने प्रेस कॉफ्रेंस में जंग के बारे में कई अहम जानकारियां दी. उन्होंने कहा कि ईरान के पास यूरेनियम संवर्धन करने या बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने की क्षमता नहीं है. अपने संबोधन की शुरुआत में नेतन्याहू ने कहा, ‘मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, मुझे आप पर गर्व है. मुझे आपके दृढ़ संकल्प पर गर्व है. मैं जानता हूं कि सुरक्षा कक्षों में घंटों बिताना कितना कठिन है और आश्रय स्थलों में भी घंटों बिताना कितना कठिन है. मैं बच्चों, स्कूलों और व्यवसायों से जुड़ी कठिनाइयों को समझता हूं. मैं जानता हूं कि बुजुर्गों और आरक्षित सैनिकों के लिए यह कितना मुश्किल है. सरकार में मेरे सहयोगी और मैं, हम हर दिन काम कर रहे हैं. आपके लिए इसे आसान बनाने के लिए, स्कूलों और अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे खोलने के लिए.’

उन्होंने आगे कहा कि व्यवसाय मालिकों, कर्मचारियों, आरक्षित सैनिकों और उनके परिवारों के लिए पर्याप्त मुआवज़ा सुनिश्चित करने के लिए हम भारी मात्रा में पूंजी निवेश कर रहे हैं और हमें इसमें और अधिक निवेश करने की आवश्यकता है.’

ईरान जंग पर नेतन्याहू ने गिनाई अपने 3 लक्ष्य 

नेतन्याहू ने आगे कहा कि घरेलू मोर्चे पर आप बार-बार संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश करते हैं. इन सब बातों से मुझे, सरकार को, IDF और सुरक्षा बलों को लड़ाई जारी रखने और अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयास जारी रखने की प्रेरणा मिलती है. पूरी दुनिया जानती है कि हम शेरों के समान हैं. हम शेरनियों के समान भी हैं. यह बात हर कोई अपने घर से जानता है, और आप भी, बेशक, अपने परिवारों से जानते हैं.

इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी गर्जना, हैरी की गर्जना, पूरी दुनिया में गूंज रही है. हमारा ध्यान तीन लक्ष्यों पर केंद्रित है-

  1. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कुचलना.
  2. ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को कुचलना.
  3. ऐसी परिस्थितियां बनाना जिससे ईरानी जनता अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथों में ले सके.

नेतन्याहू बोले- हम ईरान को कुचलकर धूल में मिला देंगे

उन्होंने आगे कहा कि ईरान का मूल उद्देश्य उन परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को पुनर्जीवित करना है, जिन्हें हमने नष्ट किया था, उन्हें फिर से खड़ा करना है. लेकिन हम उन्हें कुचलकर धूल में मिला देंगे. अपने महान मित्र, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर हमने अब तक बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. हमने अयातुल्ला खामेनेई को खत्म कर दिया, हमने रिवोल्यूशनरी गार्ड और उनके शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व और शीर्ष अधिकारियों को मार दिया. अभी कुछ ही दिनों में हमने कुख्यात हत्यारे अली लारीजानी, खुफिया मंत्री और उनके कमांडर को मार गिराया. वैसे, ये वही लोग हैं, जिन्होंने सामूहिक नरसंहार को अंजाम दिया था.

हमने सैकड़ों मिसाइलें और लॉन्चर नष्ट किएः नेतन्याहू

नेतन्याहू ने आगे कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनकी जगह कौन लेता है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ये दौर, ये जागरण और ये क्रांति बहुत कम समय तक चले. कमांडरों के अलावा, हमने शासन के दमनकारी गुटों में से हजारों हत्यारों को मार गिराया. हमने सैकड़ों लॉन्चर और मिसाइलें नष्ट कर दीं. हमने उनके ठिकानों पर लगातार, दिन-रात हमले किए.

मौत की अटकलों पर कहा- अभी मैं जिंदा हूं

ईरान के साथ चल रहे जंग के बीच कई बार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू की मौत की अफवाहें भी उड़ी. गुरुवार रात के प्रेस कॉफ्रेंस में नेतन्याहू ने इन अटकलों पर भी बोला. उन्होंने कहा-  पहले मैं सबको बता दूं कि मैं जिंदा हूं. ये जंग हम जीत रहे हैं. ईरान बर्बादी की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि हमने 20 दिनों के युद्ध में सफलता हासिल की है.

ट्रंप अपना फैसला खुद लेते हैंः नेतन्याहू 

नेतन्याहू ने कहा कि हमने ईरान की ताकत को काफी कम कर दिया है. ईरान अब दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर सकता. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लेकर कहा कि ट्रम्प अपना फैसला खुद लेते हैं, हमने उन्हें जबरदस्ती युद्ध में नहीं धकेला. उन्होंने कहा कि ट्रम्प के साथ हमारा तालमेल एकदम सही है.

नेतन्याहू ने कहा, “मैं एक और फेक न्यूज खत्म करना चाहता हूं, और वो ये है कि इज़राइल ने किसी तरह U.S. को ईरान के साथ लड़ाई में घसीटा. क्या कोई सच में सोचता है कि कोई प्रेसिडेंट ट्रंप को बता सकता है कि क्या करना है? कम ऑन!”

तेल अवीव, यरुशलम और हाइफा में टावर नहीं गिरेः नेतन्याहू

इजरायल के प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि क्या आपको याद है युद्ध की शुरुआत में क्या हुआ था? हज़ारों आतंकवादी सीमा पर, सुरंगों के अंदर तैनात थे. 1,50,000 मिसाइलों और रॉकेटों का खतरा था, जिनसे इजरायल को तबाह किया जाना था. तेल अवीव, यरुशलम, हाइफा में सैकड़ों टावर गिरने की बातें हो रही थीं, लेकिन जो टावर गिरे, वे तेहरान और राजधानियों में गिरे. हमने गहरी सुरक्षा घेरा बनाया था.

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