उमा भारती ने स्टेशन व्यवस्थाओं को लेकर उठाए थे कई सवाल, जानें रेलवे ने दिया क्या जवाब

उमा भारती ने स्टेशन व्यवस्थाओं को लेकर उठाए थे कई सवाल, जानें रेलवे ने दिया क्या जवाब उमा भारती ने स्टेशन व्यवस्थाओं को लेकर उठाए थे कई सवाल, जानें रेलवे ने दिया क्या जवाब

बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती द्वारा सोशल मीडिया पर झांसी रेलवे स्टेशन से जुड़ी अव्यवस्थाओं को लेकर उठाए गए सवालों पर रेलवे प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है. उत्तर मध्य रेलवे ने जारी बयान में स्टेशन क्षेत्र में हुई किसी भी असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा है कि मामले की जांच की गई है और ट्रेन अपने निर्धारित समय के अनुसार ही संचालित हुई थी. रेलवे के अनुसार, शुरुआती जांच में यह पाया गया कि संबंधित ट्रेन अपने तय समय पर ही रवाना हुई थी. बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस हाथ ठेले को लेकर बात सामने आई है, वह निर्धारित रास्ते से ही जा रहा था और रेल संरक्षा मानकों के तहत गैर‑मोटराइज्ड हाथ ठेलों का संचालन अत्यंत धीमी गति से किया जाता है.

स्टेशन पुनर्विकास कार्य जारी, यात्रियों की सुविधा का दावा

उत्तर मध्य रेलवे ने बताया कि स्टेशन पर पुनर्विकास का कार्य प्रगति पर है और इस दौरान यह लगातार प्रयास किया जा रहा है कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. रेलवे प्रशासन ने कहा कि यात्रियों से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए आगे और अधिक सजगता के साथ कार्य किया जाएगा.

उमा भारती ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल

इससे पहले उमा भारती ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर झांसी रेलवे स्टेशन पर हुई घटना का जिक्र किया था. उन्होंने लिखा कि इससे पहले भी वह मथुरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता का मुद्दा उठा चुकी हैं. झांसी स्टेशन पर उनके साथ जो घटना हुई, उसमें उन्होंने किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के निर्माण के दौरान व्यावहारिक संवेदनशीलता के अभाव को इसका कारण बताया. उमा भारती ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह ट्रेन के आने से पहले ही स्टेशन पहुंच गई थीं, लेकिन ट्रेन निर्धारित समय से पहले झांसी पहुंची और तय समय से पहले प्रस्थान कर गई. उन्होंने यह भी मांग की कि झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए.

हाथ ठेला और ट्रैक पार करने की दिक्कत का जिक्र

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्हें बैटरी गाड़ी में प्लेटफॉर्म नंबर एक से चार की ओर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान जिस ट्रैक को पार करना था, उस पर काफी समय तक एक ट्रेन गुजरती रही, जिससे उन्हें खड़ा रहना पड़ा. आगे बढ़ने पर एक हाथ ठेला ट्रैक में फंसा हुआ मिला, जिसे निकालने में उनके सुरक्षाकर्मियों ने सहयोग किया। जब वह प्लेटफॉर्म नंबर चार पर पहुंचीं, तब वह ट्रेन जिसमें उन्हें सवार होना था, चलने लगी थी.

शारीरिक असमर्थता और व्यवस्थाओं की बात

उमा भारती ने लिखा कि वह समय पर स्टेशन पहुंची थीं और तेजी से न चल पाने की असमर्थता के कारण थोड़ा पहले पहुंची थीं. उन्होंने कहा कि झांसी रेलवे के अधिकारी उनकी शारीरिक असमर्थता से वर्षों से परिचित हैं, इसी वजह से बैटरी गाड़ी की व्यवस्था की गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि एक्सीलेटर पर भी उन्हें तकलीफ हो सकती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि न तो झांसी रेलवे के अधिकारियों की गलती है और न ही उनकी स्वयं की. उनके अनुसार, यह पूरी व्यवस्था रेलवे सिस्टम के भीतर संचालन से जुड़ी समस्याओं का नतीजा है.

आम यात्रियों की परेशानी पर चिंता

उमा भारती ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि केवल उनकी बात नहीं है, बल्कि आमजन, दिव्यांगजन, वृद्ध, महिलाएं, बच्चे और भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले लोग भी इस तरह की अव्यवस्थाओं का शिकार होते हैं. उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इन समस्याओं पर ध्यान देने का आग्रह करते हुए कहा कि वह मथुरा और झांसी की घटनाओं को लेकर उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर चर्चा करेंगी. रेलवे प्रशासन ने अपने बयान में भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में अधिक संवेदनशीलता के साथ व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी.






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