Gururgram Kidnappers Killed in Accident: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली (Bareli) में हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा एक बड़े आपराधिक मामले का खुलासा कर गया. लखनऊ-दिल्ली हाईवे (Delhi Lucknow Highway) पर रविवार को हुए इस हादसे में जहां पांच लोगों की मौत हुई, वहीं पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे का शिकार हुए तीन लोग अपहरणकर्ता थे. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस गाड़ी में हादसा हुआ, उसमें से दो मासूम बच्चे जिंदा और घायल अवस्था में मिले.
सीबीगंज थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बोलेरो कार खड़े टैंकर से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल आरोपी को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है. शुरुआती तौर पर यह मामला सामान्य सड़क दुर्घटना लग रहा था, लेकिन जैसे ही पुलिस ने वाहन की जांच की, पूरा मामला पलट गया.
गाड़ी से मिले दो मासूम, हथियार भी बरामद
पुलिस को बोलेरो से दो छोटे बच्चे घायल और अचेत अवस्था में मिले, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. इसके अलावा वाहन से एक तमंचा भी बरामद हुआ. इससे साफ हो गया कि मामला गंभीर आपराधिक गतिविधि से जुड़ा हुआ है.
गुरुग्राम से हुआ था अपहरण
जांच में खुलासा हुआ कि दोनों बच्चे गुरुग्राम के डीएलएफ फेज 1 इलाके के रहने वाले हैं. 6 साल का मयूर और 3 साल का लक्ष्य अपने पिता मनोज के साथ शनिवार शाम से लापता थे. बच्चों की मां पूजा ने गुरुग्राम में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पूजा के मुताबिक, उनके पति बच्चों को लेकर मंदिर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. बाद में एक धमकी भरा फोन आया, जिसमें बताया गया कि मनोज को बंधक बना लिया गया है और पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी गई.
हादसे ने बचाई बच्चों की जान
बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ता बच्चों और उनके पिता को लेकर कहीं जा रहे थे, तभी बरेली में यह हादसा हो गया. दुर्घटना में तीन बदमाशों की मौत हो गई, जबकि एक घायल आरोपी जिंदा बच गया, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है. इसी बीच पुलिस ने सर्विलांस की मदद से बच्चों के पिता मनोज को भी सुरक्षित बरामद कर लिया. उन्हें फरीदपुर में एक घर में बंधक बनाकर रखा गया था.
जान-पहचान का निकला मामला
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मनोज को पहले से जानते थे. मुख्य आरोपी मनमोहन ने मनोज को अपने परिचित के घर में कैद कर रखा था. घर के बाहर और कमरे के अंदर ताले लगाकर उसे बंधक बनाया गया था.
हत्या की साजिश का खुलासा
पूछताछ में घायल आरोपी ने बताया कि अपहरण का मकसद मनोज की हत्या करना था. दरअसल, मनोज की गोद ली हुई बच्ची का मृतक आरोपी मनमोहन के साथ संबंध था, जिसका मनोज विरोध करता था. इसी रंजिश के चलते इस पूरी साजिश को अंजाम दिया गया.
पुलिस की कार्रवाई जारी
बरेली पुलिस ने मुख्य आरोपी के पिता नत्थू और घायल आरोपी प्रिंस को हिरासत में ले लिया है. साथ ही गुरुग्राम पुलिस को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है. चूंकि अपहरण का मामला गुरुग्राम में दर्ज है, इसलिए आगे की कार्रवाई वहीं की पुलिस करेगी.
मां ने सुनाई आपबीती
बच्चों की मां पूजा ने बताया कि उनके पति ऑटो चालक हैं और 4 तारीख को सवारी छोड़ने के बाद मंदिर गए थे. इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला. बाद में आए फोन कॉल ने पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया. फिलहाल दोनों बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत धीरे-धीरे सुधर रही है.
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर जांच कर रही है. फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा.
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