Khan Market Restaurants: दिल्ली की ‘शान’ कहे जाने वाला खान मार्केट में अब रेस्टोरेंट्स चलाने के लिए फायर NOC की आवश्यकता नहीं होगी. दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को खान मार्केट के रेस्टोरेंट्स को राहत देते हुए कहा कि अगर किसी रेस्टोरेंट में एक समय में 50 से कम लोग हों, तो उन्हें फायर डिपार्टमेंट से एनओसी यानी नो‑ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होगी. कोर्ट ने खान मार्केट को दिल्ली की “शान” बताते हुए इसे एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण व्यावसायिक बाजार कहा. जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने कहा कि खान मार्केट में कई रेस्टोरेंट पहली और दूसरी मंजिल पर स्थित हैं, लेकिन इमारत की बनावट ऐसी है कि इन दोनों मंजिलों के लिए आने‑जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि यह व्यवस्था शुरू से ही यानी बाजार बनने के समय से चली आ रही है और इसे बदला जाना आसान नहीं है.
खान मार्केट में बिना फायर NOC चलेंगे रेस्टोरेंट
दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने यह आदेश खान मार्केट में स्थित रेस्टोरेंट्स की 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया. इन रेस्टोरेंट्स में पर्च, यम यम चा, स्लाइ ग्रैनी, खान चाचा जैसे नाम शामिल थे. इन सभी ने अदालत से अनुरोध किया था कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) उन्हें फायर एनओसी की शर्त लगाए बिना हेल्थ लाइसेंस और अन्य जरूरी मंजूरियां नवीनीकृत करे. इन रेस्टोरेंट्स की ओर से वकील एम.ए. नियाज़ी, अनामिका घई नियाजी और नेहमत सेठी ने दलील दी. उन्होंने कहा कि उनके रेस्टोरेंट्स में बैठने की क्षमता 48 लोगों की है, जो दिल्ली के यूनिफाइड बिल्डिंग बाय‑लॉज 2016 के अनुसार तय सीमा 50 से कम है. इसलिए उन्हें फायर क्लीयरेंस की जरूरत नहीं है.
रेस्टोरेंट्स ने कोर्ट को यह भी लिखित भरोसा (अंडरटेकिंग) दिया कि वे किसी भी समय 50 से ज्यादा ग्राहकों को अंदर नहीं आने देंगे और सरकार द्वारा तय सभी सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे. कोर्ट ने यह भी ध्यान दिलाया कि NDMC की 23 फरवरी की अधिसूचना में साफ कहा गया है कि जिन प्रतिष्ठानों के पास वैध FSSAI या GST पंजीकरण है, उन्हें स्वतः हेल्थ लाइसेंस प्राप्त माना जाएगा. ऐसे में उन्हें अलग से हेल्थ ट्रेड लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी.
खान मार्केट जैसी बनावट दूसरी जगह नहीं
यह दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक बाजारों में से एक में स्थित है. यह इलाका हेरिटेज मार्केट भी है. इस बाजार की अपनी एक खास पहचान है. इसकी आर्किटेक्चर, संस्कृति और चरित्र बहुत पुराने और प्रसिद्ध हैं. खान मार्केट में कई रेस्टोरेंट पहली और दूसरी मंजिल पर स्थित हैं, लेकिन इमारत की बनावट ऐसी है कि इन दोनों मंजिलों के लिए आने‑जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है. यह व्यवस्था शुरुआत से ही ऐसी रही है। यह बाजार दिल्ली की शान माना जाता है.
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30 दिन का नोटिस जरूरी- कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि फायर NOC न होने पर अधिकारियों द्वारा भविष्य में की जाने वाली किसी भी सख्त कार्रवाई से पहले 30 दिन का नोटिस देना जरूरी होगा, ताकि मालिकों को कानूनी मदद लेने का समय मिल सके.


