महादेव एप मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर से जुड़ी 1700 करोड़ की संपत्तियां की अटैच

महादेव एप मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर से जुड़ी 1700 करोड़ की संपत्तियां की अटैच महादेव एप मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर से जुड़ी 1700 करोड़ की संपत्तियां की अटैच

महादेव एप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर से जुड़ी 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर ली है. इन संपत्तियों में दुबई के बुर्ज खलीफा के महंगे विला और घर भी शामिल हैं. सौरभ चंद्राकर भी अभी दुभी में है. आपको बता दें कि इस केस में ईडी अभी तक कुल 4300 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है.

इस मामले में ED की इस तरह की यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है. जनवरी में भी महादेव ऑनलाइन बुक और Skyexchange.com से जुड़े अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की थी.इस कार्रवाई के तहत ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून यानी PMLA के तहत 91.82 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थी. ED की इस ताज़ा कार्रवाई में 74.28 करोड़ रुपये से ज्यादा की बैंक मनी अटैच की गई थी, जो दुबई की दो कंपनियों परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट एलएलसी और एग्जिम जनरल ट्रेडिंग के खातों में जमा थीं.

ED की जांच में सामने आया है कि ये कंपनियां सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपरिया से जुड़ी हुई हैं और इनका इस्तेमाल अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था. इसके अलावा ED ने 17.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी अटैच की थी, जो गगन गुप्ता के नाम और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर थीं.गगन गुप्ता, Skyexchange.com के मालिक हरि शंकर तिबरेवाल का करीबी बताया जा रहा है. ED का कहना है कि ये महंगी प्रॉपर्टी और लिक्विड एसेट्स नकद में कमाए गए अवैध पैसों से खरीदे गए थे.

कैसे चलता था अवैध सट्टेबाजी का पूरा खेल

ED की जांच में खुलासा हुआ था कि महादेव ऑनलाइन बुक, Skyexchange.com जैसे कई अवैध बेटिंग ऐप्स और वेबसाइट्स के ज़रिए हजारों करोड़ रुपये का काला धन पैदा किया गया. महादेव ऑनलाइन बुक ऐप को इस तरह डिजाइन किया गया था कि वह अलग-अलग अवैध बेटिंग ऐप्स को ग्राहक उपलब्ध कराए और उनके पैसों का पूरा लेन-देन संभाले.जांच एजेंसी के मुताबिक, ये वेबसाइट्स और ऐप्स जानबूझकर इस तरह से रिग की गई थीं कि आखिर में ग्राहक को नुकसान ही हो.लोगों से करोड़ों रुपये वसूले गए और तय हिस्सेदारी के फॉर्मूले पर रकम बांटी जाती थी.

यह भी पढ़ें: Mahadev App: महादेव एप मामले में नया चार्जशीट दाखिल, अब आरोपियों के प्रत्यर्पण की तैयारी




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *