नई दिल्ली:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने JDU सांसद हरिवंश नरायण सिंह को राज्यसभा के लिए नामित किया है. यह नामांकन संविधान के प्रावधानों के तहत किया गया है. राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन (उपसभापति) और जनता दल-यूनाइटेड (जेडी-यू) के वरिष्ठ नेता हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था.
राष्ट्रपति ने किया मनोनीत
यह फैसला राज्यसभा में नामित सदस्य के रिटायर होने से खाली हुई सीट को भरने के लिए लिया गया है. राष्ट्रपति को संविधान के अनुच्छेद के तहत उच्च सदन में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों को नामित करने का अधिकार प्राप्त है.
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बता दें कि हरिवंश साहित्य, पत्रकारिता और संसदीय कार्यों में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और वर्तमान में राज्यसभा के उपसभापति भी हैं. उनके नामांकन को उच्च सदन में अनुभव और निरंतरता के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
कौन हैं राज्यसभा के उपसभापति रहे हरिवंश नारायण सिंह
वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और राजनेता हरिवंश नारायण सिंह का नाम देश की राजनीति और पत्रकारिता दोनों क्षेत्रों में सम्मान के साथ लिया जाता है. हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किए जाने के बाद वे फिर चर्चा में हैं.
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ. उनकी शुरुआती शिक्षा गांव से सटे टोला काशी राय के एक स्कूल में हुई. इसके बाद उन्होंने जेपी इंटर कॉलेज, सेवाश्रम (जयप्रकाशनगर) से वर्ष 1971 में हाईस्कूल पास किया.
उच्च शिक्षा के लिए वे वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट किया. इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया.
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पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर
हरिवंश नारायण सिंह ने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ग्रुप से की. इसके बाद उन्होंने 1981 से 1984 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इंडिया में भी नौकरी की. हालांकि, पत्रकारिता के प्रति उनका रुझान उन्हें दोबारा इस क्षेत्र में ले आया.
साल 1984 में उन्होंने पत्रकारिता में वापसी की और बिहार के प्रतिष्ठित अखबार ‘प्रभात खबर’ से जुड़े. यहां उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक काम किया और खुद को एक सशक्त विचारक और संपादक के रूप में स्थापित किया. इसी दौरान उनकी नजदीकियां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बढ़ीं. बाद में नीतीश कुमार ने उन्हें राजनीति में लाते हुए जनता दल (यूनाइटेड) का महासचिव बनाया.
संसद में अहम भूमिका
हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उपसभापति भी रह चुके हैं. संसदीय कार्यों में उनका अनुभव, संतुलित दृष्टिकोण और संवाद शैली अक्सर सराही जाती रही है. पत्रकारिता की पृष्ठभूमि से आने के कारण वे नीति और सार्वजनिक मामलों पर गहरी पकड़ के लिए जाने जाते हैं. हरिवंश नारायण सिंह का सफर ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश की संसद के सर्वोच्च सदनों तक पहुंचने की एक उल्लेखनीय कहानी है, जिसमें शिक्षा, पत्रकारिता और राजनीति… तीनों का प्रभाव साफ दिखाई देता है.


