रेमंड के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. विजयपत सिंघानिया का शनिवार देर रात निधन हो गया, सिंघानिया 87 वर्ष के थे. उनके बेटे और रेमंड के मौजूदा चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने एक्स पर इसकी जानकारी दी. गौतम सिंघानिया ने लिखा, ‘गहरे दुख और भारी मन से, हम पद्म भूषण डॉ. विजयपत कैलाशपत सिंघानिया के निधन की सूचना दे रहे हैं.’ उन्होंने अपने पिता को एक दूरदर्शी लीडर, परोपकारी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया, जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन और उन्हें प्रेरित करती रहेगी.
रेमंड ग्रुप के एक प्रवक्ता ने बताया कि सिंघानिया का मुंबई में निधन हो गया और उनका अंतिम संस्कार रविवार को चंदनवाड़ी श्मशान घाट पर किया जाएगा. X पोस्ट में आगे कहा गया, ‘परिवार और दोस्तों से अनुरोध है कि वे रविवार को दोपहर 1:30 बजे हवेली, एल. डी. रूपारेल मार्ग पर इकट्ठा हों.’
बना चुके हैं एक खास वर्ल्ड रिकॉर्ड
विजयपत सिंघानिया को एक कद्दावर भारतीय उद्योगपति के तौर पर याद किया जाएगा, जिन्होंने रेमंड ग्रुप को एक सम्मानित और स्थायी संस्थान बनाने में अहम भूमिका निभाई. कुछ साल पहले विजयपत सिंघानिया और गौतम सिंघानिया के बीच कानूनी विवाद चल रहा था, हालांकि बाद में ये मामले सुलझा लिए गए थे. 1938 में जन्मे गौतम एक भारतीय उद्योगपति और एविएटर थे. उन्होंने 1980 से 2015 तक रेमंड ग्रुप के चेयरमैन के तौर पर नेतृत्व किया और दशकों तक कंपनी के विकास और बदलाव में अहम भूमिका निभाई. पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया एक विमान चालक भी थे और हॉट एयर बैलून में सबसे अधिक ऊंचाई तक पहुंचने का विश्व रिकॉर्ड उनके नाम था.
RIP. Om Shanti 🙏 pic.twitter.com/nGtOGAEtHt
— Gautam Singhania (@SinghaniaGautam) March 28, 2026
अब बेटे गौतम संभाल रहे हैं कारोबार
विजयपत सिंघानिया ने 2000 तक दो दशकों तक रेमंड के चेयरमैन के तौर पर काम किया. पद छोड़ने के बाद, उन्होंने कंपनी की बागडोर गौतम सिंघानिया को सौंप दी और कंपनी में अपनी पूरी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने बेटे के नाम कर दी. उद्योग और देश के लिए उनके योगदान को लंदन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च से मानद PhD की उपाधि देकर सम्मानित किया गया और भारत सरकार ने 2006 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया. इसके अलावा, भारतीय वायु सेना ने 1994 में उन्हें मानद एयर कमोडोर नियुक्त किया और 2006 में उन्हें मुंबई का शेरिफ बनाया गया.


