नई दिल्ली:
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ने एक बार फिर से ये माना है कि पहलगाम हमले में उसी का हाथ था. साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर भी उसने बड़ा बयान दिया है. पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने पहलगाम आतंकी हमले को अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से जोड़ा है, जिसके चलते इस्लामाबाद में वार्ताएं हुईं.
लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आतंकी कमांडर अबू मूसा कश्मीरी ने पहलगाम आतंकी हमले को ‘इस्लामाबाद शांति वार्ता’ से जोड़ा है.
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अमेरिकी टॉप लीडरशिप के शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचने के दिन ही पाकिस्तान की ओर से आतंकी गतिविधियों को लेकर ये बड़ा कबूलनामा सामने आया है.
पाकिस्तान स्थित आतंकी कमांडर ने पहलगाम आतंकी हमले पर गर्व जताया और शांति वार्ता का मजाक उड़ाया.
ऐसे में ये भी सवाल खड़ो हो रहे हैं कि क्या पाकिस्तान के लिए मध्यस्थता पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का परिणाम है?

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