शराब घोटाले में कल हाईकोर्ट में पेश होकर खुद बहस करेंगे अरविंद केजरीवाल

पंजाब की पिछली सरकारों में घर-घर पहुंचा नशा-केजरीवाल ने साधा निशाना | Arvind Kejriwal attacked the previous governments of Punjab, Said पंजाब की पिछली सरकारों में घर-घर पहुंचा नशा-केजरीवाल ने साधा निशाना | Arvind Kejriwal attacked the previous governments of Punjab, Said

नई दिल्ली:

दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सोमवार को हाई कोर्ट में पेश होकर खुद बहस करेंगे. दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल सहित अन्य सभी आरोपियों को बीते दिनों बरी कर दिया था. जिसके बाद जांच एजेंसियों ने इस मामले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही थी. अब मिली जानकारी के अनुसार कथित शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल और कई अन्य पूर्व आरोपियों ने दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष एक रिक्युज़ल आवेदन दायर किया है. जिस पर अरविंद केजरीवाल सोमवार को कोर्ट में पेश होकर खुद बहस करेंगे.

बीते दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया था नोटिस

मालूम हो कि बीते दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया था. यह नोटिस प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल को बरी करने को चुनौती दी गई है.

ED के समन की अवहेलना से जुड़ा है मामला

यह मामला ईडी के समन की अवहेलना से जुड़ा है, जो धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी किए गए थे. एकल पीठ की जज स्वर्णा कांता शर्मा ने ईडी की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि केजरीवाल को पहले से नोटिस दिए जाने के बावजूद उनकी ओर से कोई पेशी नहीं हुई. इसके चलते अदालत ने उन्हें नया नोटिस जारी करने और ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड मंगाने का आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को तय की गई है.

ईडी के वकील ने कहा- ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को बरी कर गंभीर गलती की

ईडी की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने अदालत में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को बरी कर गंभीर गलती की है. उनका कहना था कि रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेज साफ दिखाते हैं कि पीएमएलए के तहत जारी समन विधिवत दिए गए और उन्हें स्वीकार भी किया गया था. उन्होंने यह भी दलील दी कि जिन दस्तावेजों पर विवाद नहीं है, उन्हें अलग से साबित करने की जरूरत नहीं होती.

दरअसल, यह अपील उस फैसले के खिलाफ दायर की गई है, जिसमें राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को समन का पालन न करने के आरोपों से बरी कर दिया था. अदालत ने माना था कि उपलब्ध सबूत उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. यह फैसला अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने सुनाया था.

ईडी का आरोप था कि केजरीवाल ने अलग-अलग तारीखों पर जारी पांच समन के बावजूद एजेंसी के सामने पेशी नहीं दी. एजेंसी का कहना था कि एक उच्च पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा समन की अवहेलना गलत उदाहरण पेश करती है, इसलिए इस मामले में कार्रवाई जरूरी है.

इस बीच, यह मामला और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इसी आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. सीबीआई ने उस ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था.

ट्रायल कोर्ट ने अपने विस्तृत आदेश में कहा था कि अभियोजन पक्ष कोई भी प्रथम दृष्टया मामला साबित नहीं कर पाया और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस संदेह भी नहीं बनता.

सोमवार को कोर्ट में खुद बहस करते दिखेंगे केजरीवाल

वहीं, केजरीवाल ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है. उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा उनकी उस मांग को खारिज किए जाने को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने मामले की सुनवाई दूसरी बेंच को सौंपने की मांग की थी. अपनी याचिका में केजरीवाल ने कहा है कि मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर न करने से कार्यवाही की निष्पक्षता को लेकर उचित संदेह पैदा होता है. इसके अलावा, उन्होंने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की कुछ टिप्पणियों के खिलाफ स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) भी दाखिल की है. जिसमें सोमवार को वो खुद बहस करते नजर आएंगे. 

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