होर्मुज से सुरक्षित मार्ग के लिए UK की पहल में शामिल होगा भारत, विदेश मंत्रालय ने बताया क्या है प्लान

होर्मुज से सुरक्षित मार्ग के लिए UK की पहल में शामिल होगा भारत, विदेश मंत्रालय ने बताया क्या है प्लान होर्मुज से सुरक्षित मार्ग के लिए UK की पहल में शामिल होगा भारत, विदेश मंत्रालय ने बताया क्या है प्लान

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. खबर ये है कि भारत अब यूके की उस पहल में शामिल होगा जिसके तहत वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित मार्ग बनाने पर काम कर रहा है.MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि UK की तरफ से कई देशों को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर बातचीत के लिए बुलाया गया है, जिसमें भारत भी शामिल है. हमारी तरफ से, विदेश सचिव आज शाम इस बैठक में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम ईरान और वहां के दूसरे देशों के संपर्क में हैं ताकि यह देख सकें कि हम अपने जहाज़ों के लिए बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित आवागमन कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं.

इन जहाज़ों में LPG, LNG और अन्य सामान ले जाया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में हुई बातचीत के ज़रिए, हमारे छह भारतीय जहाज़ स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को सुरक्षित रूप से पार करने में सफल रहे हैं, और हम संबंधित पक्षों के संपर्क में बने हुए हैं.

आपको बता दें कि दुनिया में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई का ये प्रमुख समुद्री मार्ग है. ऐसे में इसके ठप होने से तमाम देशों का दम फूल रहा है. साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट मंडरा रहा है. गंभीर होती स्थिति के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने के उपायों पर गुरुवार को 35 देश मिल बैठकर मंथन करेंगे. गौर करने की बात ये है कि इसमें अमेरिका शामिल नहीं है. 

यूके करा रहा है खास समिट

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समिट वर्चुअली होगी. अध्यक्षता यूके के विदेश मंत्री करेंगे. इसमें 35 देश जुट रहे हैं. पूरी लिस्ट हालांकि रणनीतिक कारणों से जारी नहीं की गई है, लेकिन जिन प्रमुख भागीदारों के नाम सामने आए हैं, उनमें यूके, फ्रांस के अलावा जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया शामिल हैं. इनके अलावा यूएई, बहरीन और ओमान भी शामिल हो सकते हैं. अन्य सहयोगी देशों में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड और नाइजीरिया जैसे देशों का नाम सामने आ रहा है. 

होर्मुज ठप होने से दुनिया बेहाल 

आपको बता दें कि दुनिया में कच्चे तेल की लगभग 20 पर्सेंट सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है. लिक्विड नेचुरल गैस (एलएनजी) आपूर्ति का 5वां हिस्सा भी यहीं से आता-जाता है. होर्मुज के बंद होने से वैश्विक बाजारों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है. जानकार इसकी तुलना 1970 के तेल संकट से कर रहे हैं. खाद और सल्फर जैसे केमिकलों की सप्लाई लगभग ठप हो गई है. कतर से हीलियम जैसी गैसों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. 

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि UK की तरफ से कई देशों को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर बातचीत के लिए बुलाया गया है, जिसमें भारत भी शामिल है. हमारी तरफ से, विदेश सचिव आज शाम इस बैठक में शामिल हो रहे हैं.उन्होंने आगे कहा कि हम ईरान और वहाँ के दूसरे देशों के संपर्क में हैं ताकि यह देख सकें कि हम अपने जहाज़ों के लिए बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित आवागमन कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं. इन जहाज़ों में LPG, LNG और अन्य सामान ले जाया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में हुई बातचीत के ज़रिए, हमारे छह भारतीय जहाज़ स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को सुरक्षित रूप से पार करने में सफल रहे हैं, और हम संबंधित पक्षों के संपर्क में बने हुए हैं.

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