संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने इस बार सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हुए परीक्षा देने के नियमों में काफी बड़ा बदलाव किया है. नए नियमों के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा में जिन उम्मीदवारों का चयन होगा, उन्हें दोबारा परीक्षा देने की छूट पहले जैसी नहीं रहेगी. सरल शब्दों में समझा जाए तो सेवा में रहते हुए अब बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है. चयनित अधिकारियों को केवल एक बार ही रैंक सुधारने का मौका मिलेगा, लेकिन वो भी कुछ शर्तों के साथ. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के इस नए नियम पर सिविल सेवा परीक्षा 2026 की तैयार करने वाले उम्मीदवार क्या सोचते हैं, ये हमने जाने की कोशिश की.
दिल्ली का ओल्ड राजेंद्र नगर
दिल्ली का ओल्ड राजेंद्र नगर जो कि यूपीएससी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों का हब माना जाता है. यहां पर रहने वाले कुछ उम्मीदवारों ने UPSC के इस नियम पर अपनी राय रखी. UPSC CSE की तैयार कर रहे Aspirants ने इस फैसले पर खुशी जताई. ओल्ड राजेंद्र नगर में रहने वाले मोहित ने कहा, “इस फैसले से ज्यादातर लोग खुश हैं, क्योंकि कई लोग बार-बार एग्जाम देकर सीट खा रहे थे. UPSC 2025 में सफल हुए 200 से ज़्यादा उम्मीदवारों ऐसे थे जिन्होंने पहले भी ये एग्जाम क्रैक कर रखा था और रैंक सुधारने के लिए फिर से ये एग्जाम दिया. नया नियम ये सब रोक देगा”.
क्या हैं UPSC CSE एग्जाम देने से जुड़ा नया नियम
- नए नियमों के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय विदेश सेवा (IFS) में कार्यरत अधिकारी सेवा में रहते हुए दोबारा परीक्षा में नहीं बैठ सकते हैं.
- IAS और IFS अधिकारी अगर दोबारा एग्जाम देना चाहते हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना होगा.
- भारतीय पुलिस सेवा (IPS) या किसी सेंट्रल ग्रुप ‘A’ सर्विस के लिए चुने गए उम्मीदवारों को CSE एग्जाम में केवल एक बार ही बैठने का मौका मिलेगा. लेकिन इसके लिए भी कुछ शर्तें हैं.
- कैंडिडेट्स को दोबारा एग्जाम देने के लिए ट्रेनिंग में शामिल होने से फॉर्मल छूट लेनी होगी.
मोहित की तरह ही UPSC CSE की तैयारी करने वाली सविता ने भी इस फैसले पर खुशी जताई और कहा, “इस साल के नतीजों में साफ देखा गया की कैसे रैंक सुधारने के लिए कई उम्मीदवारों ने दोबारा एग्जाम दिया. इस साल जिन 918 उम्मीदवारों ने ये एग्जाम क्रैक किया है, उनमें से 239 उम्मीदवार ऐसे थे, जो पहले ही 2023 या 2024 की अंतिम मेरिट लिस्ट में थे. अपनी रैंक बेहतर करने या अपनी पसंद की सेवा पाने के लिए फिर से एग्जाम दिया था”.
फ्रेशर के हक में फैसला
UPSC CSE की तैयारी करने वाली अंजलि ने कहा,” कई उम्मीदवार एक बार रैंक हासिल करने के बाद फिर से परीक्षा देते थे. ऐसे करने से फ्रेशर उम्मीदवारों पर असर पड़ता था और उनके अवसर कम हो जाते थे. पहले से चयनित उम्मीदवार का फिर से प्रतिस्पर्धा में बैठना सही नहीं था”.


