युद्ध ईरान में, चांदी रूस की: रूस की तेल कमाई हुई दोगुनी, अप्रैल में झटक सकता है 9 अरब डॉलर

युद्ध ईरान में, चांदी रूस की: रूस की तेल कमाई हुई दोगुनी, अप्रैल में झटक सकता है 9 अरब डॉलर युद्ध ईरान में, चांदी रूस की: रूस की तेल कमाई हुई दोगुनी, अप्रैल में झटक सकता है 9 अरब डॉलर

रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान युद्ध के कारण उपजे तेल और गैस संकट ने रूस की सबसे बड़ी सिंगल ऑयल टैक्स कमाई को दोगुना कर दिया है. अप्रैल में यह बढ़कर 9 अरब डॉलर (करीब 700 अरब रूबल) होने की उम्मीद है. रूस को मार्च में मिनरल एक्सट्रैक्शन टैक्स (MET) से 327 अरब रूबल मिले थे, जो अप्रैल में बढ़कर लगभग 700 अरब रूबल पहुंच रहे हैं. पिछले साल के अप्रैल के मुकाबले यह 10% ज्यादा है.

सबसे बड़ा संकट बना फायदे का सौदा

फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बाद ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया है. दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है. ईरान-अमेरिका में सीजफायर होने और इसी हफ्ते स्थायी युद्धविराम को लेकर होने वाली बैठक के बीच तेल व्यापारियों का कहना है कि इस युद्ध ने हाल के इतिहास का सबसे गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है. मगर यही रूस के लिए फायदे का सौदा बना गया.

कैसे हुआ रूस को फायदा

रूस के विशाल तेल और गैस उद्योग से होने वाली मुख्य आय उत्पादन पर आधारित है. उद्योग के वर्षों से चल रहे कर सुधार, जिसे व्यापक कर सुधार कहा जाता है, के तहत 2024 की शुरुआत से कच्चे तेल पर निर्यात शुल्क समाप्त कर दिया गया है. रॉयटर्स द्वारा प्रारंभिक उत्पादन आंकड़ों और तेल की कीमतों के आधार पर किए गए अनुमानों के अनुसार, रूस में तेल उत्पादन पर लगने वाला खनिज निष्कर्षण कर अप्रैल में बढ़कर लगभग 700 अरब रूबल (9 अरब डॉलर) हो जाएगा, जो मार्च में 327 अरब रूबल था. यह राजस्व पिछले वर्ष अप्रैल की तुलना में लगभग 10% अधिक है.

कई देश करना चाहते हैं रूस से सौदा 

रूस ने 2026 के पूरे वर्ष के लिए खनिज निष्कर्षण कर से 7.9 ट्रिलियन रूबल का बजट निर्धारित किया है. अर्थव्यवस्था मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कर के लिए उपयोग किए जाने वाले रूस के यूराल कच्चे तेल की औसत कीमत मार्च में बढ़कर 77 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो अक्टूबर 2023 के बाद से उच्चतम स्तर है. यह फरवरी के 44.59 डॉलर प्रति बैरल से 73% अधिक है और इस वर्ष के राज्य बजट में अनुमानित 59 डॉलर के स्तर से भी ऊपर है. क्रेमलिन ने मंगलवार को कहा कि गंभीर वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच विभिन्न देशों से रूसी ऊर्जा के लिए भारी संख्या में अनुरोध प्राप्त हुए हैं. फिर भी, रूस के लिए इस अप्रत्याशित लाभ की भी सीमाएं हैं, और रूस के अर्थशास्त्रियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि 2026 एक कठिन वर्ष हो सकता है. वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि जनवरी-मार्च 2026 में रूस का बजट घाटा 4.58 ट्रिलियन रूबल या सकल घरेलू उत्पाद का 1.9% था.

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