क्या यूपी में कुछ बड़ा होने वाला है? समझिए सीएम योगी की संगठन के नेताओं से मुलाकात के मायने

क्या यूपी में कुछ बड़ा होने वाला है? समझिए सीएम योगी की संगठन के नेताओं से मुलाकात के मायने क्या यूपी में कुछ बड़ा होने वाला है? समझिए सीएम योगी की संगठन के नेताओं से मुलाकात के मायने

यूपी में विधानसभा चुनाव के ऐलान में करीब दस महीने का वक्त बचा है. इस बीच यूपी के मंत्रिमंडल में फेरबदल और बीजेपी के प्रदेश संगठन में पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की सुगबुगाहट शुरू हो गई है. इस सुगबुगाहट के बीच शनिवार को सीएम योगी से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद कुछ बड़े बदलावों के संकेत सामने आ रहे हैं.

सरकार और संगठन में हो सकते हैं बड़े बदलाव

बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक जल्द ही सरकार और संगठन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. कल बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े लखनऊ आ रहे हैं. विनोद तावड़े सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन से मुलाकात करेंगे. बीजेपी महामंत्री की ये मुलाकातें इस बड़े बदलावों को लेकर हो सकती हैं. हालांकि पार्टी के सूत्र मानते हैं कि संगठन का बदलाव इसी महीने हो सकता है, जबकि सरकार के संभावित बदलाव बंगाल चुनाव के बाद हो सकता है.

पंकज चौधरी दिसंबर में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष बने हैं. माना जा रहा था कि होली के बाद प्रदेश पदाधिकारियों की लिस्ट सामने आ सकती है. हालांकि ऐसा नहीं हो सका. ऐसे में पार्टी अब ज्यादा देर नहीं करना चाहती. पार्टी का मानना है कि प्रदेश पदाधिकारियों के नामों का ऐलान जितनी जल्दी होगा, उतनी जल्दी उन्हें चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियां देकर पार्टी काम में लगा सकेगी. सूत्र कह रहे हैं कि 15 अप्रैल के आसपास संगठन के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा.

क्या होगा मंत्रिमंडल में फेरबदल?

बात करें मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की तो बीजेपी के बड़े सूत्रों का कहना है कि चुनाव से पहले एक बार मंत्रिमंडल के बदलाव किया जाएगा. हालांकि अप्रैल में मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना कम नजर आती है. मंत्रिमंडल में बदलाव में बड़ी भूमिका केंद्रीय नेतृत्व की भी रहती है. केंद्रीय नेतृत्व का फोकस फिलहाल पश्चिम बंगाल चुनाव पर लगा हुआ है. ऐसे में सूत्र कहते हैं कि मंत्रिमंडल में बदलाव बंगाल चुनाव के कुछ समय बाद ही संभव लगता है.

लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह की मुलाकात को लेकर एक चर्चा ये भी है कि पार्टी के कुछ नेताओं को आयोगों और निगमों में शामिल करने को लेकर भी चर्चा की गई है. चुनाव से पहले पार्टी के अलग अलग जाति और क्षेत्र के हिसाब से नेताओं को एडजस्ट करके समीकरण साधने की कोशिश के तहत कुछ लोगों को आयोगों और निगमों में शामिल किया जा सकता है.

अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी

बीजेपी अगले विधानसभा चुनाव में हिंदुत्व और विकास के एजेंडे के साथ-साथ सीएम योगी के दस साल की उपलब्धि, पीएम मोदी के चेहरे और संगठन की मजबूती को आधार बनाकर मैदान में उतारना चाहती है. बीजेपी का सीधा मुकाबला समाजवादी पार्टी के पीडीए के फॉर्मूले से होना है. लोकसभा चुनाव में सपा से झटका खा चुकी बीजेपी इस बार कोई चूक नहीं करना चाहती. इसी वजह से संगठन और सरकार में संभावित बदलाव में जाति और क्षेत्र का पूरा ख्याल रखने की क़वायद की जा सकती है.

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