तेल अवीव:
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मिसाइल हमले में मारे गए हैं. हालांकि उनके इस दावे की ईरान की ओर से पुष्टि नहीं हुई है. सेना ने लारीजानी का लिखा एक नोट जरूर जारी किया है.
इससे पहले इजरायली सेना (आईडीएफ) ने पुष्टि की थी कि उसने लारिजानी को निशाना बनाया था. लारीजानी ने लंबे समय तक ईरान के कई ऊंचे पदों पर काम किया है.
प्रमुख इजरायली दैनिक, ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ के अनुसार, इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने मंगलवार को कहा कि इजरायली सेना ने रात भर चले हवाई हमलों में ईरान के सुरक्षा प्रमुख और उसकी बासिज मिलिशिया के प्रमुख को मार गिराया है. काट्ज ने एक बयान में कहा कि उन्हें सेना ने सूचित किया कि ईरान के सुरक्षा प्रमुख, अली लारीजानी, मारे गए हैं.
नेतन्याहू ने कहा, “हम इस शासन को कमजोर कर रहे हैं ताकि ईरानी जनता को इसे उखाड़ फेंकने का मौका मिल सके. यह सब एक साथ नहीं होगा और न ही आसानी से होगा. लेकिन अगर हम दृढ़ रहे, तो हम उन्हें अपना भाग्य अपने हाथों में लेने का मौका देंगे.”
वहीं ईरान राजवंश के निर्वासित सदस्य और राजनीतिक कार्यकर्ता रजा पहलवी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “अली लारीजानी, गुलामरेजा सुलेमानी और ईरान के सर्वश्रेष्ठ सपूतों के निर्मम नरसंहार के कई अन्य कुख्यात कमांडरों और अपराधियों को उनके कर्मों का फल मिल गया है. ईश्वर करे कि यह महान राष्ट्र ईरान के गहरे घावों और सिंह-सूर्य क्रांति के अमर नायकों के परिवारों के घायल दिलों पर मरहम का काम करे. विनाश के रखवालों को मैं चेतावनी देता हूं: अपने हथियार डाल दो. ईरान अमर रहे!”

इस बीच, लारीजानी का एक हस्तलिखित नोट उनके एक्स अकाउंट से प्रसारित हुआ है. इसमें अमेरिका के हमले में मारे गए ईरानी नाविकों को श्रद्धांजलि दी गई है. यह नोट ईरानी सरकारी मीडिया से जुड़े विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया गया है.
हालांकि इजरायल के दावे की ईरान की ओर से किसी ने पुष्टि नहीं की है. लेकिन ऐसा सच होता है तो लारीजानी 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका एयर स्ट्राइक के पहले दिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के बाद मारे जाने वाले ईरान के सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे.

परमाणु वार्ताकार रह चुके लारीजानी खामेनेई के करीबी माने जाते हैं, उन्हें शुक्रवार को तेहरान में ‘कुद्स दिवस’ की रैलियों में हिस्सा लेते हुए देखा गया था. इस बीच आईडीएफ ने ये भी बताया कि इन हमलों में ‘बसीज प्रतिरोध बल’ के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी और बसीज के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए हैं.
28 फरवरी को इजरायल द्वारा किए गए पहले हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद, लारीजानी प्रभावी रूप से ईरान के युद्ध प्रबंधन के प्रभारी बन गए हैं. यह युद्ध अब अठारहवें दिन में है.
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