बिहार के वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत दामोदरपुर में कल( शनिवार) दोपहर हुई प्लम्बर ऋषि कुमार की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. वैशाली पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 6 घंटे के भीतर इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है. घटना में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रियांशु सहित दो युवकों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया पिस्टल भी बरामद कर लिया गया है.
‘डॉन’ बनने की होड़ में रची ऋषि की हत्या की साजिश
मामले को लेकर वैशाली के एसपी विक्रम सिहाग ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक ऋषि और आरोपी प्रियांशु के बीच पहले से जान-पहचान थी. कुछ दिन पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. प्रियांशु इलाके में अपना वर्चस्व दिखाना चाहता था और उसी ‘डॉन’ बनने की होड़ में उसने ऋषि की हत्या की साजिश रची.
बगीचे में बुलाकर गोली मारी
शनिवार दोपहर प्रियांशु ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर ऋषि को फोन कर दामोदरपुर स्थित एक बगीचे में बुलाया. वहां बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और प्रियांशु ने गुस्से में आपा खोते हुए ऋषि को गोली मार दी. घायल ऋषि को आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
शिक्षक का बेटा निकला मुख्य आरोपी
इस नृशंस हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार प्रियांशु एक शिक्षक का बेटा है. एक शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद छोटे से विवाद में उसने कानून को हाथ में लिया और एक युवक की जान ले ली. एसपी ने बताया कि प्रियांशु को पिस्टल उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भी पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.
चश्मदीद की गवाही ने पकड़ा
घटना के वक्त ऋषि के साथ उसका एक अन्य साथी भी मौजूद था, जिसे अपराधियों ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. वह इस हत्याकांड का मुख्य चश्मदीद गवाह बना और उसकी शिनाख्त के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया.मृतक ऋषि चंद्रालय का निवासी था और अपने पीछे दो छोटे बच्चों और परिवार को छोड़ गया है. उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
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