राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है. तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. दिन में जहां तेज धूप की वजह से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा हैतो वहीं रात में भी उमस भरी गर्मी पड़ रही है. इंसान तो इंसान जानवर और मछलियां तक गर्मी का मार नहीं झेल पा रहे हैं. दिल्ली के मयूर विहार इलाके में स्थित संजय झील से ऐसा ही नजारा सामने आया है, जो जानलेवा गर्मी की गवाही दे रहा है. इस कृत्रिम संजय झील में सैकड़ों की तादाद में छोटी-बड़ी मछलियां मर चुकी हैं, जो पानी की सतह पर तैरती दिखाई दे रही हैं. इसकी वजह गर्मी के चलते पानी का कम होना और तापमान का बढ़ना बताया जा रहा है.
10 दिनों से घट रहा है झील का पानी
जानकारी के अनुसार, संजय झील में पिछले 10 दिनों में पानी का स्तर लगातार घटता जा रहा है. वहीं दिल्ली में पढ़ती भीषण गर्मी भी इस पानी की कम होने की बड़ी वजह मानी गई है. जिसकी वजह से झील में रखी गई मछलियां लगातार मरती जा रही हैं. मॉर्निंग वॉक के लिए आए एक युवक ने बताया की कुछ दिन पहले तक यहां पर सब ठीक था लेकिन अब पानी तेजी से कम हो रहा है. पानी के अंदर ऑक्सीजन लेवल भी कम हो गया है.यह एक बड़ी वजह है जिसके चलते मछलियां जीवित नहीं रह पा रही है.
दिल्ली गर्मी से उबल रही है, संजय झील में सैकड़ों मछलियां मर गईं
पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार स्थित कृत्रिम संजय झील में बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी मछलियां मर चुकी हैं, जो पानी की सतह पर दिखाई दे रही हैं, मछलियों के सड़ने से आसपास बदबू फैल गई है, पिछले 10 दिनों से झील का जलस्तर… pic.twitter.com/K3WanNQfPE
— NDTV India (@ndtvindia) May 22, 2026
संजय झील में बत्तख के झुंड को लेकर आए एक कर्मचारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में पानी अचानक घटा है पहले उनका पानी पास में ही दल्लूपुरा की तरफ से आता था. लेकिन वहां कोई नाला टूट गया है जिसकी वजह से पानी झील तक नहीं पहुंच पाता है. आसपास के बोरिंग की हालत भी खस्ता है. इससे झील में ना पानी आ रहा है और ना ही उसके आसपास के पेड़ पौधों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है.
संजय झील में मछलियों की स्थिति दयनीय हो चुकी है और झील के किनारे सैकड़ो की तादाद में मरी हुई मछलियां नजर आ रही हैं. जिससे आसपास काफी बदबू फैली हुई है. लेकिन कोई अधिकारी इसे देखने तक नहीं आया है. अगर अधिकारी यहां पर आते तो शायद यहां की हालत देखते. बतख भी इस पानी में जा रही हैं और वापस आ जाती हैं क्योंकि एक तो झील में पानी नहीं है और जितना पानी है वह काफी गर्म है. अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब कृत्रिम झील बनाई गई थी तो उसके देखभाल की जिम्मेदारी दिल्ली विकास प्राधिकरण की ही बनती है. लेकिन डीडीए के अधिकारी इस बढ़ती गर्मी में झील में पाल रही मछलियों की मौत को नजरअंदाज कर रहे हैं.
दिल्ली में मई की सबसे गर्म रात दर्ज, 14 साल का रिकॉर्ड टूटा
दिल्ली में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को लगभग 14 सालों में मई की सबसे गर्म रात के रूप में दर्ज किया गया. शहर के कुछ हिस्सों में लगातार चौथे दिन भी लू की स्थिति बनी रही. मौसम विभाग के अनुसार, शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक और पिछले दिन की तुलना में 3.6 डिग्री अधिक 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि, शहर के कुछ हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा. आईएमडी ने बताया कि इससे अधिक न्यूनतम तापमान आखिरी बार 26 मई, 2012 को था, जब न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था.
मौसम विभाग ने आज के लिए शहर में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. साथ ही लू चलने का पूर्वानुमान जताया गया है. एक अधिकारी ने कहा कि अगले एक सप्ताह तक लू की स्थिति जारी रहने की आशंका है और उन्होंने लोगों को अलर्ट रहने के लिए भी कहा है.
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