‘वह कौन थी’ का पता लगाने के लिए अब ली जाएगी AI की मदद, नागपुर पुलिस की अनोखी पहल

'वह कौन थी' का पता लगाने के लिए अब ली जाएगी AI की मदद, नागपुर पुलिस की अनोखी पहल 'वह कौन थी' का पता लगाने के लिए अब ली जाएगी AI की मदद, नागपुर पुलिस की अनोखी पहल

महाराष्ट्र की नागपुर पुलिस किसी मृत युवा महिला की शिनाख्त करने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेने जा रही है. कुछ दिनों पहले बुलढाणा जिले के जलगांव जामोद तालुका के राजुरा गांव के एक खेत में एक अज्ञात महिला का शव मिला था. इस शव का सिर गायब था और वह आंशिक रूप से जली हुई अवस्था में था. शव की ऐसी वीभत्स हालत को देखते हुए उसकी पहचान करना पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती बन गया था.

मामले में आया था ‘ऑनर किलिंग’ का बड़ा ट्विस्ट

इसी बीच, शिवानी कलमेकर नाम की एक युवती के लापता होने के कारण पुलिस ने यह निष्कर्ष निकाल लिया कि वह शव उसी का हो सकता है. जांच आगे बढ़ी तो उसकी हत्या के आरोप में उसके पिता बापुराव कलमेकर और उसके भाई अजय को आरोपी बनाया गया. युवती के किसी व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध होने के कारण इसे ‘ऑनर किलिंग’ का मामला मानकर पिता-पुत्र दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था. मात्र बारह दिनों में इस जटिल मामले को सुलझाने का दावा करते हुए बुलढाणा पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाई थी और मिले हुए शव को दफना दिया गया था.

हालांकि, इस मामले में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब लापता मानी जा रही शिवानी कलमेकर खुद पुलिस स्टेशन में जीवित और सकुशल हाजिर हो गई. इस घटना के बाद सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा बुलढाणा पुलिस की काफी आलोचना की गई. अब, उस दफनाए गए शव को दोबारा बाहर निकाल लिया गया है और वह शव आखिरकार किसका है, यह एक बड़ा सवाल बन गया है. नागपुर पुलिस ने इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए एआई का उपयोग करने का निर्णय लिया है.

मददगार के लिए इनाम की घोषणा और पुलिस की तकनीकी तैयारी

इस पहेली को सुलझाने के लिए पुलिस विभाग ने मृत महिला के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को पचास हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की है. इसके अतिरिक्त, स्थानीय स्तर पर सघन जांच करने और लापता व्यक्तियों के रिकॉर्ड खंगालने के बाद भी जब पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा, तब उन्होंने तकनीक का रास्ता चुनने का फैसला किया.

बता दें कि महाराष्ट्र पुलिस के पास ऐसी पेचीदगियों से भरे मामलों को सुलझाने के लिए एआई समेत नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने की पुख्ता व्यवस्था है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसके लिए ‘मार्वेल’ नामक एक सरकारी कंपनी की स्थापना करवाई है. इस अनूठे मॉडल की देश भर में सराहना हुई है और कई राज्यों में इसका अनुकरण भी किया जा रहा है. वर्तमान में आईपीएस अधिकारी हर्ष पोद्दार इस कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं.

आखिर कैसे काम करेगी यह AI तकनीक?

यदि शव का चेहरा पूरी तरह खराब हो गया है, तो AI की मदद से वह महिला जीवित रहते हुए कैसी दिखती होगी, इसका एक डिजिटल चित्र तैयार किया जाएगा. इसके बाद इस डिजिटल चित्र का मिलान देश भर के लापता व्यक्तियों के डेटाबेस और सोशल मीडिया प्रोफाइल से किया जाएगा. साथ ही, घटनास्थल के आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज में इस चेहरे से मिलती-जुलती कोई महिला दिखी थी या नहीं, इसका पता लगाने के लिए भी उन्नत एआई एल्गोरिदम का उपयोग किया जाएगा.

नागपुर पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि “पारंपरिक तरीकों से महिला की पहचान करने में काफी दिक्कतें आ रही थीं, इसलिए हम इस आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं. इससे हमें देश भर के डेटा को स्कैन करने में आसानी होगी और जांच में तेजी आएगी.” पुलिस प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि इस AI तकनीक की मदद से मृत महिला की पहचान जल्द ही हो जाएगी, जिससे अपराध की आगे की जांच करना संभव हो सकेगा. 

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