Laljit Bhullar controversy: पंजाब वेयरहाउसिंग अधिकारी की आत्महत्या से भूचाल, मरने से पहले बनाया 12 सेकंड का वीडियो

Laljit Bhullar controversy: पंजाब वेयरहाउसिंग अधिकारी की आत्महत्या से भूचाल, मरने से पहले बनाया 12 सेकंड का वीडियो Laljit Bhullar controversy: पंजाब वेयरहाउसिंग अधिकारी की आत्महत्या से भूचाल, मरने से पहले बनाया 12 सेकंड का वीडियो

Laljit Bhullar controversy: अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या ने पूरे राज्य की सियासत और प्रशासन को झकझोर दिया है. 21 मार्च, 2026 को उन्होंने घर पर सल्फास निगलकर जान दे दी. मरने से पहले रंधावा ने अपने मोबाइल पर 12 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वे कहते सुने गए कि “तुम्हारे दोस्त ने मिनिस्टर लालजीत भुल्लर के डर से सल्फास खा लिया है, अब मैं बच नहीं सकता.” इस वीडियो के सामने आते ही मामला तूल पकड़ गया और सरकार से लेकर विपक्ष तक सक्रिय हो गया.

क्या है पूरा मामला?

परिवार और यूनियन नेताओं के मुताबिक विवाद वेयरहाउस के टेंडर पास करने से जुड़ा था. आरोप है कि पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर रंधावा पर अपने पिता के नाम पर ऐसे टेंडर मंजूर कराने का दबाव बना रहे थे, जो टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स पर खरे नहीं उतरते थे. रंधावा के मना करने पर उन्हें 13 मार्च को मंत्री के घर बुलाया गया, जहां उन्हें कथित रूप से पीटा गया और ब्लैकमेल के लिए बंदूक की नोक पर 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का झूठा ‘कबूलनामा’ वीडियो रिकॉर्ड कराया गया. ऐसा परिवार का दावा है.

FIR दर्ज और सरकारी कार्रवाई

आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड हुआ वीडियो वायरल हुआ तो पंजाब में हंगामा मच गया. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लालजीत भुल्लर का इस्तीफा ले लिया और निष्पक्ष जांच के लिए मामला चीफ सेक्रेटरी K.A.P. सिन्हा को सौंप दिया. इसके कुछ घंटे बाद अमृतसर पुलिस ने लालजीत भुल्लर और उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के खिलाफ IPC की धारा 109, 351(3), 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया.

विपक्ष का हमलावर रुख

इस घटना के बाद विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी. विपक्ष ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया और सीएम आवास का घेराव कर पूर्व मंत्री के खिलाफ FIR और सख्त कार्रवाई की मांग की. विपक्ष का कहना है कि प्रशासनिक अफसरों पर राजनीतिक दबाव और डराने-धमकाने की प्रवृत्ति पर तत्काल लगाम लगनी चाहिए.

AAP का जवाब और सरकार का पक्ष

सरकार की ओर से मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और केस की निष्पक्ष जांच होगी. AAP के जनरल सेक्रेटरी बलतेज पन्नू ने पूछा कि पंजाब की राजनीति में इतनी तेज़ कार्रवाई पहले कब हुई, जबकि मुख्य प्रवक्ता एवं MLA कुलदीप धालीवाल ने कहा कि चीफ मिनिस्टर ने ईमानदारी से कदम उठाए हैं, कानून अपना काम कर रहा है और पार्टी गगनदीप के परिवार के साथ खड़ी है. धालीवाल ने परिवार से जल्द मुलाकात का भी भरोसा दिया.

कौन-कौन से पुराने विवाद याद आए

यह मामला उठते ही AAP के कुछ पूर्व और वर्तमान नेताओं से जुड़े पुराने विवाद भी चर्चा में आ गए…

  • डॉ. विजय सिंगला (पूर्व हेल्थ मिनिस्टर): कॉन्ट्रैक्ट में कमीशन माँगने के आरोप में CM ने बर्खास्त कर जेल भेजा था.
  • फौजा सिंह सरारी (पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर): जबरन वसूली की कथित ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद जनवरी 2023 में इस्तीफा.
  • लाल चंद कटारूचक (कैबिनेट मिनिस्टर): एक युवक ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए; बाद में पीड़ित ने इनकार किया, पर विवाद ने सरकार को मुश्किल में डाला.
  • अमित रतन कोटफट्टा (MLA): विजिलेंस ब्यूरो ने एक सरपंच से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया.
  • इसके अलावा अनमोल गगन मान और नरिंदर कौर भारज पर भ्रष्टाचार के आरोप चर्चा में रहे. रामपुरा से MLA फूल बलकार सिद्धू भी विवादों में घिरे. बलकार सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद मई 2024 में कैबिनेट से बाहर किया गया. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा (AAP MLA) को ED ने सितंबर 2024 में बैंक धोखाधड़ी केस में गिरफ्तार किया था.

परिवार के सवाल और आगे की राह

गगनदीप रंधावा का परिवार निष्पक्ष जांच, आरोपियों की कानूनी जवाबदेही और सिस्टम में अफसरों की सुरक्षा के स्पष्ट नियमों की मांग कर रहा है. यूनियनें कह रही हैं कि टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी और टेक्निकल मानकों के अनुरूप हो, ताकि किसी अधिकारी पर दबाव न बनाया जा सके.  





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