अगर आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से गलत एडवांस टैक्स भरने का कोई ईमेल आया है, जिसे देखकर आपके होश उड़ रहे हैं तो परेशान ना हों. इसके बारे में आयकर विभाग की तरफ से बड़ा अपडेट दिया गया है. विभाग ने इन सभी मेल को नजरअंदाज करने को कहा है.
क्या है पूरा मामला?
पिछले कई दिनों से कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को आयकर विभाग की तरफ से ‘नज’ ईमेल आ रहे थे. इन ईमेल में कहा गया था कि उन्होंने जितना एडवांस टैक्स भरा है, वो उनके फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन से मेल नहीं खा रहा है. इसके अलावा इन ईमेल में उस साल किए गए कुछ बड़े ट्रांजैक्शन का भी जिक्र था. लेकिन कई टैक्सपेयर्स और सीए का कहना था कि ईमेल में जिन ट्रांजैक्शन का ज़िक्र है, वो उन्होंने कभी किए ही नहीं हैं. यानी ईमेल में दी गई कई जानकारियां गलत थीं. जब इस बारे में बहुत शिकायतें मिलने लगीं तो आयकर विभाग ने इस मामले पर अपनी सफाई दी.
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्या कहा?
आयकर विभाग ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ लोगों को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के एडवांस टैक्स से जुड़े ईमेल गलत जानकारी के साथ भेजे गए थे. विभाग ने कहा कि करदाताओं ने इसके बारे में बताकर सही किया. इसके लिए वो उनका धन्यवाद करते हैं और हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगते हैं.
विभाग अभी अपने सर्विस प्रोवाइडर के साथ मिलकर इस तकनीकी समस्या को ठीक कर रहा है. विभाग ने साफ कहा कि जब तक समस्या पूरी तरह ठीक नहीं होती तब तक टैक्सपेयर्स इस मामले से जुड़े सभी ईमेल को नजरअंदाज करें.
टैक्सपेयर्स को दी ये सलाह
विभाग ने बताया कि ऐसे ईमेल केवल एक तरह के रिमाइंडर होते हैं, जिनका काम करदाताओं को अपने लेन-देन की जानकारी का रिव्यू करना और जरूरत पड़ने पर एडवांस टैक्स का सही तरीके से पालन करने में मदद करना है. साथ ही करदाताओं को सलाह दी गई है कि वो अपने ट्रांजैक्शन्स की सही जानकारी देखने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर मौजूद कंप्लायंस पोर्टल के ई-कैंपेन टैब में जाकर स्टेटमेंट चेक कर सकते हैं.


