आज भी जब लता मंगेशकर का गाया गीत ‘आएगा आनेवाला’ बजता है तो सुनने वाले एक अलग ही दुनिया में खो जाते हैं. साल 1949 में रिलीज हुई फिल्म महल का यह गाना सिर्फ एक सुपरहिट गीत नहीं था, बल्कि इसी ने लता मंगेशकर को देशभर में पहचान दिलाई. फिल्म में यह गाना अभिनेत्री मधुबाला पर फिल्माया गया था. गाने का संगीत खेमचंद प्रकाश ने तैयार किया था, जबकि बोल नख्शब जारचवी उर्फ नख्शब ने लिखे थे. क्या है इस गाने के पीछे की कहानी? कैसे इस गाने से चमकी लता मंगेशकर की किस्मत…आज आपको सबका जवाब मिल जाएगा.
जब रिकॉर्ड पर लता मंगेशकर का नाम ही नहीं था
इस गाने से जुड़ा सबसे दिलचस्प किस्सा यह है कि उस दौर में प्लेबैक सिंगर्स को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था. जब ‘आएगा आनेवाला’ का रिकॉर्ड रिलीज हुआ तो उस पर गायक के तौर पर लता मंगेशकर का नाम नहीं, बल्कि फिल्म के किरदार ‘कामिनी’ का नाम छापा गया था. लेकिन गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि रेडियो स्टेशन पर लगातार फोन आने लगे और लोग पूछने लगे कि आखिर यह आवाज किसकी है. इसके बाद पहली बार लता मंगेशकर का नाम बड़े स्तर पर सामने आया.
गाने को रिकॉर्ड करने का अनोखा तरीका
कहा जाता है कि गाने में रहस्य और दूरी का एहसास पैदा करने के लिए रिकॉर्डिंग के दौरान लता मंगेशकर को माइक्रोफोन से काफी दूर खड़ा किया गया था. वह गाने की शुरुआती पंक्तियां गाते हुए धीरे-धीरे माइक्रोफोन की तरफ बढ़ीं, जिससे ऐसा लगा जैसे कोई दूर से आता हुआ साया करीब आ रहा हो. उस दौर में यह तकनीक बेहद अनोखी मानी गई.
इस एक गाने ने बदल दी थी किस्मत
‘आएगा आनेवाला’ सिर्फ एक हिट गीत नहीं था, बल्कि इसने तीन सितारों की जिंदगी बदल दी. फिल्म ‘महल’ ने मधुबाला को स्टार बनाया, निर्देशक कमल अमरोही को नई पहचान दी और लता मंगेशकर को हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी आवाज बनने की राह पर आगे बढ़ा दिया. करीब 75 साल बाद भी ‘आएगा आनेवाला’ को भारतीय सिनेमा के सबसे रहस्यमयी और सदाबहार गीतों में गिना जाता है. यही वजह है कि यह गाना आज भी संगीत प्रेमियों की पसंदीदा सूची में शामिल है.
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लेखक के बारे में
शिखा यादव
चीफ सब एडिटर
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