आजकल धुरंधर 2 को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. रिलीज के कई दिन बाद भी सिनेमाघरों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही और फिल्म लगातार शानदार कमाई कर रही है. लेकिन यह पहली बार नहीं है जब किसी हिंदी फिल्म को लेकर ऐसा जुनून देखने को मिला हो. करीब 51 साल पहले भी एक फिल्म ने इसी तरह का माहौल बना दिया था. उस दौर में लोग टिकट पाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते थे और सिनेमाघरों के बाहर भारी भीड़ उमड़ती थी. उस फिल्म का नाम था शोले, जिसने अपने समय में सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे.
शोले ने बदली थी इंडस्ट्री की दिशा
निर्देशक रमेश सिप्पी की फिल्म शोले को हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में गिना जाता है. जिस तरह आज धुरंधर 2 को गेम-चेंजर कहा जा रहा है, उसी तरह शोले ने अपने समय में फिल्म इंडस्ट्री का चेहरा बदल दिया था. इसकी कहानी, डायलॉग और एक्शन ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी थी. यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सिनेमाई अनुभव बन गई थी, जिसे लोग बार-बार देखना चाहते थे.
5 साल तक थिएटर में चली थी फिल्म
शोले की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह मुंबई के मिनर्वा थिएटर में करीब 5 साल तक लगातार चली थी. उस दौर में किसी फिल्म का इतने लंबे समय तक चलना अपने आप में बड़ी बात थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोग कई-कई बार यह फिल्म देखने जाते थे और हर बार सिनेमाघर खचाखच भरे रहते थे. टिकट के लिए लंबी कतारें लगना आम बात थी, ठीक वैसे ही जैसे आज धुरंधर 2 के लिए देखने को मिल रहा है.
किरदार और कहानी बने अमर
जिस तरह धुरंधर 2 के किरदारों की चर्चा हर तरफ हो रही है, उसी तरह शोले के कैरेक्टर्स भी आज तक लोगों के दिलों में जिंदा हैं. अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की जय-वीरू की जोड़ी, अमजद खान का गब्बर सिंह, संजीव कुमार का ठाकुर और हेमा मालिनी की बसंती जैसे किरदार आज भी पॉप कल्चर का हिस्सा हैं. बताया जाता है कि करीब 3 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 15 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था, जो उस समय के हिसाब से बेहद बड़ा आंकड़ा था. अगर आज के दौर में इसकी कमाई को आंका जाए, तो यह कई सौ करोड़ के बराबर बैठती है. यही वजह है कि शोले को आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे कल्ट फिल्मों में गिना जाता है.


