पुणे:
केतन अग्रवाल के कत्ल की कहानी में लगातार राज खुल रहे हैं. केतन की मंगेतर सिया और उसके साथ इस कत्ल को अंजाम देने वाले चेतन चौधरी फिलहाल पुलिस की पकड़ में हैं और दोनों बिठाकर पूछताछ चल रही है. इसी में दोनों लगातार वे राज उगल रहे हैं, जो इस हत्याकांड की एक-एक कड़ी का पर्दाफाश कर रहे हैं. इस बीच केतन मर्डर केस की FIR में ऐसी कई चीजों का जिक्र है, जिनसे पता चलता है कि यह हत्याकांड कैसे खुला. एक जानकारी यह भी मिली है कि केतन को लोहागढ़ किले से गिराकर मारने के बाद सिया ने खूब नाटक किया था. केतन के घर फोन करके खुद ही उसके गिरने और मरने की कहानी सुना दी थी और खूब रोने का नाटक कर रही थी.
इसके बाद भी केतन के परिजनों को एक बात से शक गहरा गया. उसकी जब तफ्तीश हुई तो चेतन चौधरी भी पकड़ा गया. दरअसल सिया गोयल का फोन इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी बिजी जा रहा था. इससे परिजनों को संदेह हुआ कि आखिर वह इतना बिजी कैसे है. इसके अलावा उसने कई बार चेतन नाम लिया. अंत में केतन के परिवार वालों का शक गहरा गया कि शायद सिया और चेतन के बीच कोई रिलेशन है. वहीं केतन की बहन ने जब सिया से भाई की मौत को लेकर कुछ सवाल पूछे तो वह सही से जवाब नहीं दे सकी. परिजन पहले ही संदेह में थे और जब केतन की बहन ने उन्हें सिया के गोलमोल जवाबों की बात बताई तो उन्होंने पुलिस से संपर्क साधा.
यही नहीं केतन के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि मेरे बेटे ने परिवार को बताया था कि सिया अजीब सा बर्ताव कर रही है. बेटे का कहना था कि वह अकसर छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती है. एफआईआर में कहा गया है कि सिया गोयल ने केतन को 17 जून को कॉल किया था. उसने वॉट्सऐप पर बात की थी और अपने बर्थडे पर लोहागढ़ किले जाने को कहा था. यही नहीं इस पर केतन को मनाने के लिए उसने अपनी होने वाली सास राखी अग्रवाल से भी बात की थी. इस बातचीत के बाद सिया की जिद पूरी करने को केतन 18 जून की सुबह घर से निकला था. उसने सिया गोयल को किवाले ब्रिज पर बिठाया था और पुणे-मुंबई हाईवे से होते हुए पहुंचे थे.
कत्ल का रिहर्सल, गूगल पर सर्च और… केतन को मारने के लिए सिया ने क्या-क्या किया
केतन के परिजनों के साथ दोस्त भी किले तक गए, बोले- गिरना तो मुश्किल
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सिया ने केतन के घर फोन किया और उसकी मांग को बताया कि वह लोहागढ़ किले से खाई में गिर गए हैं. उसने रोते हुए बताया था कि पुलिस और स्थानीय लोगों ने केतन को खाई से निकाला है और अस्पताल लेकर गए हैं. इसके बाद परिवार पहुंचा और साथ में केतन के दो दोस्त नवदीप जिंदल और तरुण मित्तल भी थे. उन लोगों को भी संदेह हुआ कि जहां से गिरने की बात कही जा रही है, वहां से कोई मामूली चूक पर इस तरह खाई में नहीं जा सकता.


