बिहार: सिपाही भर्ती परीक्षा में पहुंचा फर्जी अधिकारी, साथी की मदद के लिए ‘खेल’ करने से पहले पकड़ा गया | bihar constable Bharti exam 2026 fake officer arrested in Muzaffarpur

जमुई के लक्ष्मीपुर निवासी आरोपी जयप्रकाश बिहार: सिपाही भर्ती परीक्षा में पहुंचा फर्जी अधिकारी, साथी की मदद के लिए 'खेल' करने से पहले पकड़ा गया | bihar constable Bharti exam 2026 fake officer arrested in Muzaffarpur


बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा करने वाले कई लोग पकड़े गए. मुजफ्फरपुर से लेकर मुंगेर, पश्चिमी चंपारण, सीवान, किशनगंज और खगड़िया समेत कई जिलों में सॉल्वर गैंग व नकल करने वाले गिरफ्तार हुए हैं. मुंगेर जिले में सिपाही भर्ती परीक्षा के सेंटर पर तो एक अभ्यर्थी कान में ब्लूटूथ लगाकर नकल करते हुए पकड़ा गया था. खगड़िया जिले में 5 से 6 लाख लेकर अवैध तरीके से परीक्षा दिलाने की कोशिश करने वाले सॉल्वर गैंग का पर्दफाश हुआ और 10 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार हुए. वहीं, मुजफ्फरपुर से रविवार को हुए सिपाही भर्ती परीक्षा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. 

बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन टीम का बताया सदस्य

मुजफ्फरपुर के चैपमैन बालिका इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक अनोखा मामला सामने आया. दरअसल परीक्षा के दौरान जयप्रकाश नाम का शख्स खुद को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन वीडियोग्राफ़ी टीम का हिस्सा बताकर परीक्षा केंद्र में घुस गया. इसी दौरान परीक्षा केंद्र मे पहले से मौजूद इसी टीम के हेड शुभम कुमार को शक हुआ तो उन्होने पुलिस को इसके बारे मे बताया कि वो उनकी टीम का हिस्सा नहीं है.

जमई के लक्ष्मीपुर का रहने वाला है आरोपी

जिसके बाद पुलिस ने संदिग्ध शख्स को हिरासत में लेकर पूछताछ की. गिरफ्तार किए गए शख्स की पहचान जमुई के लक्ष्मीपुर निवासी जयप्रकाश के रूप में हुई है. पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वो किसी की मदद करने के लिए परीक्षा में फर्जी अधिकारी बनकर घुसा था. फ़िलहाल उसे न्यायिक हिरासत मे जेल भेज दिया गया.

जमुई के लक्ष्मीपुर निवासी आरोपी जयप्रकाश

आरोपी के पास मिला फर्जी कार्ड

मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि 28 जून 2026 को चैपमैन बालिका इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र में एक जमई निवासी जयप्रकाश नाम का शख्स अंदर घुस गया. वह खुद बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन वीडियोग्राफ़ी टीम का सदस्य बताया. जब इसी टीम के हेड ने पहचान करके बताया कि वह मेरी टीम का नहीं है. किसी कदाचार की नियत से घुस आया है. पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और तो जांच में पता चला कि वह किसी की मदद के लिए आया था. जांच की जा रही है, जो आईडी कार्ड दिखाया गया. वह फर्जी निकला. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसका मकसद और भी कुछ था या उसका कोई गिरोह भी है. 




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