होर्मुज के बाद क्या अब काला सागर भी बनेगा युद्धक्षेत्र? रूसी तेल लदे तुर्की के टैंकर पर हमला

होर्मुज के बाद क्या अब काला सागर भी बनेगा युद्धक्षेत्र? रूसी तेल लदे तुर्की के टैंकर पर हमला होर्मुज के बाद क्या अब काला सागर भी बनेगा युद्धक्षेत्र? रूसी तेल लदे तुर्की के टैंकर पर हमला

ईरान-अमेरिका-इजरायल की जंग के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद है. कुछेक जहाज ही ईरान की मंजूरी से अब तक वहां से निकल पाए हैं. इसके कारण तेल-गैस की किल्लत दुनिया भर में हो रही है. मगर आज सुबह जो हुआ, वो रौंगटे खड़े करने वाला है. काला सागर में रूसी तेल से लदे तुर्की के एक टैंकर को उड़ा दिया. अब तक इस हमले कि किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस हमले ने दुनिया की चिंता और बढ़ा दी है.

तुर्की के मंत्री ने दी जानकारी

तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने बताया कि गुरुवार तड़के काला सागर में तुर्की के एक तेल टैंकर पर संभवतः किसी मानवरहित वाहन (या वाहन) द्वारा हमला किया गया. मंत्री ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा, “मैं कह सकता हूं कि रूस से कच्चा तेल लादे गए एक तुर्की कंपनी द्वारा संचालित विदेशी ध्वज वाले जहाज ने आधी रात के बाद हमारे आपातकालीन कॉल सेंटर को अपने इंजन कक्ष में विस्फोट की सूचना दी. हमारा मानना ​​है कि इंजन रूम को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था. हमारा मानना ​​है कि हमला ड्रोन से नहीं, बल्कि जलस्तर पर मौजूद मानवरहित वाहन द्वारा किया गया था.” हालांकि, मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सिएरा लियोन के ध्वज वाले टैंकर पर हमला तुर्की के जलक्षेत्र में हुआ था या नहीं. 

‘जहाज को पूरी तरह बर्बाद करना था’

मंत्री ने बताया कि निजी समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड टेक ने बताया कि लगभग 140,000 टन कच्चे तेल से लदे टैंकर में बोस्फोरस जलडमरूमध्य में प्रवेश करते समय लगभग 15 समुद्री मील उत्तर में विस्फोट हुआ. जहाज नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह से आ रहा था, यह जानकारी दी गई. उरालोग्लू ने बताया कि जहाज के सभी 27 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. उरालोग्लू ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि यह बाहरी कारणों से किया गया विस्फोट था, विशेष रूप से इंजन कक्ष को निशाना बनाकर, जिसका उद्देश्य जहाज को पूरी तरह से बर्बाद करना था.” उन्होंने आगे कहा, “हमने आवश्यक इकाइयां घटनास्थल पर भेज दी हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं.”

क्यों दुनिया के लिए खतरा

रूसी मूल के तेल के परिवहन में शामिल होने के कारण यह पोत ब्रिटेन, यूक्रेन और स्विट्जरलैंड सहित कई देशों के प्रतिबंधों के अधीन है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये हमला इन देशों की तरफ से किया गया या फिर यूक्रेन की तरफ से. दिसंबर में, तुर्की में रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़ी कई घटनाएं हुईं, जिसके बाद राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने चेतावनी दी थी कि काला सागर युद्धरत पक्षों के बीच “टकराव का क्षेत्र” न बन जाए. तुर्की का उत्तरी तट यूक्रेन और रूसी कब्जे वाले क्रीमिया से लगता है. फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से कीव और मॉस्को दोनों के साथ तुर्की घनिष्ठ संबंध बनाए रखे हुए है, लेकिन ये हमला कहीं आगे चलकर काला सागर में नये युद्धक्षेत्र की नींव रखने वाला न बन जाए. 

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