बीते दिनों में पेट्रोल-डीजल और LPG की महंगाई लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही है. लेकिन वहीं, दूसरी तरफ टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे लोगों को किचन का बजट बिगड़ गया है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डाटा के अनुसार, पिछले एक महीने में टमाटर का एवरेट रिटेल प्राइस 18% बढ़ा है, प्याज 11% महंगा हुआ है और आलू के दाम 1.3% बढ़े हैं. ये तीनों सब्जियां मिलकर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 1.75% की हिस्सेदारी रखती हैं. वहीं, साल दर साल देखा जाए तो तो टमाटर की कीमतें 25% तक बढ़ी हैं, जबकि प्याज 3.3% महंगा हुआ है. हालांकि, आलू की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 17% कम हैं.
यूपी, बिहार और एमपी में बढ़ें इतने दाम
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसाप टमाटर की कीमतें उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में 50% तक बढ़ गई हैं. वहीं, दिल्ली में इनके दाम लगभग दोगुने हो गए हैं.
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क्या है कारण?
रिपोर्ट के मुताबिक कीमत में बढ़ोतरी तेज गर्मी है, जिससे फसल पर असर पड़ा और सप्लाई भी प्रभावित हुई. वहीं, बेमौसम बारिश के कारण प्याज की स्टोरेज क्वालिटी खराब हुई है, जिससे कई राज्यों में इसकी कीमतें 10-20% तक बढ़ गई हैं. प्याज और टमाटर की कीमतें मानसून के दौरान अक्सर बढ़ जाती हैं और यह इस बात पर निर्भर करता है कि मानसून कब आता है, कितना फैलता है और कितनी तेज बारिश होती है. एल नीनो के असर से पड़ी भीषण गर्मी और बारिश में देरी के कारण टमाटर की नाजुक फसल पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है.
सप्लाई में आई कमी
आजादपुर प्याज व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक कौशिक ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि भीषण गर्मी के कारण सप्लाई में कमी तो आई ही है, साथ में टमाटर जैसी सब्जी को ट्रांसपोर्ट करना भी मुश्किल हो गया है. दरअसल, गर्मी के कारण टमाटर जल्दी खराब हो जाते हैं. इसके कारण दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में सप्लाई में कमी देखने को मिली है.


