अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा अब भी बनेगा अमेरिकी नागरिक, US सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भारतीयों पर क्या होगा असर? आसान भाषा में समझिए | US Supreme Court upholds Birthright Citizenship, What the landmark ruling means for Indians

Supreme Court of America अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा अब भी बनेगा अमेरिकी नागरिक, US सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भारतीयों पर क्या होगा असर? आसान भाषा में समझिए | US Supreme Court upholds Birthright Citizenship, What the landmark ruling means for Indians


अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. यह फैसला लाखों भारतीयों के लिए भी अहम है, जो अमेरिका में रहते हैं, काम करते हैं, पढ़ाई कर रहे हैं या भविष्य में वहां बसने का सपना देखते हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर हुआ क्या है.

सबसे पहले जानिए मामला क्या था?

अमेरिका में एक नियम है, जिसे बर्थराइट सिटीजनशिप यानी जन्म के आधार पर नागरिकता कहा जाता है.

इसका मतलब यह है कि अगर कोई बच्चा अमेरिकी धरती पर जन्म लेता है वह स्वतः ही अमेरिकी नागरिक बन जाता है. आमतौर पर इससे फर्क नहीं पड़ता कि उसके माता-पिता अमेरिकी नागरिक हैं या नहीं.

अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में यह लिखा गया है, जिसे 1868 में लागू किया गया था.

ट्रंप क्या बदलना चाहते थे?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि इस नियम का बड़े पैमाने पर गलत फायदा उठाया जा रहा है. उनका तर्क था कि जो लोग अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं या केवल अस्थायी वीजा पर आए हैं, उनके बच्चों को सिर्फ अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए.

इसी सोच के तहत ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी किया था. अगर यह आदेश लागू हो जाता, तो अमेरिका में जन्म लेने वाले लाखों बच्चों को नागरिकता मिलने पर रोक लग सकती थी.

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

कुछ दिनों पहले जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ लगाने के आदेश को खारिज किया था ठीक उसी तरह इस बार इस एग्जेकेटिव ऑर्डर को भी 6-3 के बहुमत से खारिज कर दिया. कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन आज भी लागू है और अमेरिका में जन्म लेने वाला लगभग हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा.

कोर्ट ने कहा कि किसी राष्ट्रपति का आदेश संविधान से ऊपर नहीं हो सकता.

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने अपने फैसले में कहा कि इस नियम को बदलने के लिए केवल राष्ट्रपति का आदेश या सामान्य कानून काफी नहीं होगा. इसके लिए संविधान में संशोधन करना पड़ेगा, जो अमेरिका में बेहद कठिन प्रक्रिया है.

14th Amendment America

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14वें संशोधन में क्या लिखा है?

अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन कहता है कि जो भी व्यक्ति अमेरिका में पैदा हुआ है यानी जो अमेरिकी कानून के अधिकार क्षेत्र में आता है, वह अमेरिका का नागरिक है.”

यही लाइन पूरे विवाद का केंद्र थी. ट्रंप प्रशासन का कहना था कि अवैध या अस्थायी प्रवासियों के बच्चे इस दायरे में नहीं आते. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया.

कोर्ट ने लिया पुरानी मिसालों का सहारा

सुप्रीम कोर्ट ने 1898 के ऐतिहासिक वुंग किम आर्क फैसले का हवाला दिया. उस फैसले के दौरान अदालत ने कहा था कि अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा, चाहे उसके माता-पिता किसी दूसरे देश के नागरिक क्यों न हों. इसी फैसले को अदालत ने फिर से सही माना.

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Indians in America

2023 तक अमेरिका में रह रहे भारतीयों की संख्या 52 लाख थी
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भारतीयों को कैसे राहत?

यही सबसे बड़ा सवाल है.

अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के प्रकाशित अनुमानों के मुताबिक, 2023 में अमेरिका में रह रहे करीब 52 लाख लोग भारतीय थे.

इनमें से बड़ी संख्या में भारतीय आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और दूसरी नौकरियों में एच1बी, एल1 जैसे वीजा पर काम कर रहे हैं. अगर उनके यहां अमेरिका में बच्चा पैदा होता है, तो पहले की तरह वह अमेरिकी नागरिक रहेगा. ट्रंप का आदेश लागू हो जाता तो इस स्थिति पर सवाल खड़े हो सकते थे.

हर साल हजारों भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए अमेरिका जाते हैं. वो वहां एफ1 वीजा के तहत जाते हैं. अगर कोई छात्र बाद में अमेरिका में परिवार बसाता और वहां बच्चा जन्म लेता है, तो इस फैसले के बाद अब उस बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी. यानी उन हजारों छात्रों के लिए भी यह राहत की खबर है.

बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिकी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं. अब इस फैसले से उन्हें भी राहत मिलेगी क्योंकि ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा. क्योंकि उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता सुरक्षित रहेगी. बता दें कि ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी निवास की अनुमति देता है.

यह भविष्य में अमेरिका जाने वालों के लिए भी राहत की खबर है. अगर कोई भारतीय भविष्य में नौकरी या पढ़ाई के लिए अमेरिका जाता है, तो इस फैसले के बाद भी वहां जन्म लेने वाले बच्चे के लिए वही पुराने नियम लागू रहेंगे.

New Born

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क्या इससे भारत से लोग सिर्फ बच्चे को जन्म दिलाने अमेरिका जाएंगे?

इस मुद्दे पर भी काफी चर्चा होती रही है. अमेरिका लंबे समय से तथाकथित बर्थ टूरिज्म यानी सिर्फ बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से यात्रा करने पर सख्ती करता रहा है.

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसी यात्रा को बढ़ावा देने वाला नहीं है.

अमेरिकी सरकार पहले की तरह वीजा नियमों और जांच के जरिए ऐसे मामलों पर कार्रवाई कर सकती है.

यानी नागरिकता का नियम जस का तस रहेगा, लेकिन वीजा नियम अलग हैं और उन पर सरकार सख्ती जारी रख सकती है.

क्या अब यह मामला हमेशा के लिए खत्म हो गया?

नहीं, यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. कई रिपब्लिकन नेताओं ने कहा है कि वे संविधान में संशोधन लाने की कोशिश करेंगे. लेकिन अमेरिका में संविधान बदलना बेहद कठिन है. इसके लिए कांग्रेस में भारी बहुमत और राज्यों की मंजूरी दोनों चाहिए. यानी फिलहाल इस नियम में बदलाव की संभावना बहुत कम मानी जा रही है.

कुल मिलाकर अमेरिका में रहने वाले लाखों भारतीय परिवारों के लिए यह बड़ी राहत है. इससे उनके बच्चों की नागरिकता को लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है. 

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