Kerosine Distribution on Petrol Pump Govt Notification: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी जंग के चलते पैदा हुए ऊर्जा संकट के बाद केंद्र सरकार ने केरोसिन पर बड़ा फैसला लिया है. पेट्रोल-डीजल और LPG के बाद आम लोगों के हित में सरकार ने केरोसिन (Kerosine) को लेकर बड़ी राहत दी है. पेट्रोलियम मंत्रालय (Petroleum Ministry) के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन मिलेगा. इंडियन ऑयल(Indian Oil), भारत पेट्रोलियम (BPCL)और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियां चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराएंगी, जहां से आम लोग केरोसिन खरीद सकेंगे. रसोई गैस की कमी के बीच लोग रसोई में केरोसिन का इस्तेमाल कर सकेंगे और स्टोव पर खाना बना सकेंगे.
21 राज्यों में लागू होगा सरकार का नोटिफिकेशन
केंद्र ने रविवार को कहा कि सरकार घरों में केरोसिन के तेजी से वितरण की अनुमति देने के लिए पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में ढील दे रही है, क्योंकि ईरान युद्ध ने दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर दिया है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा कि इन उपायों से 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाना पकाने और रोशनी के लिए घरों में केरोसिन का तात्कालिक वितरण संभव हो सकेगा.
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पेट्रोलियम मंत्रालय से 3 बड़े अपडेट्स
- सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है_
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे जिलों में केरोसिन वितरण के लिए स्थानों की पहचान करें.
- 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने SKO sko यानी सुपीरियर केरोसिन तेल के आवंटन आदेश जारी किए हैं.
हर जिले में 2 पेट्रोल पंप रख सकेंगे 5,000 लीटर केरोसिन
देश के 21 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में हर जिले में प्रशासन 2 पेट्रोल पंप तय करेगा, जहां केरोसिन वितरण की सुविधा होगी. जिले की चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा, जो आम लोगों के लिए उपलब्ध रहेगा. लोग अपने घरों में खाना बनाने रोशनी या अन्य उद्देश्यों के लिए केरोसिन ले सकेंगे.
सरकार ने कुछ और राहत भी दी है. जैसे कि केरोसिन के डीलरों को अलग से FORM XVIII लाइसेंस लेने से छूट दी गई है, ताकि वे सीधे पेट्रोल पंपों से केरोसिन बांट सकें. साथ ही सप्लाई और तेज करने के लिए टैंक वाहनों को भी कुछ लाइसेंस नियमों से राहत दी गई है.
केरोसिन के लिए तय हैं कुछ शर्तें भी
- एक पेट्रोल पंप/सर्विस स्टेशन पर 5,000 लीटर से ज्यादा केरोसिन नहीं होगा.
- सभी सुरक्षा मानकों और नियमों के अलावा संचालन गाइडलाइन का पालन जरूरी होगा.
- केरोसिन का इस्तेमाल केवल खाना पकाने और रोशनी के लिए ही किया जा सकेगा.
- इस केरोसिन का इस्तेमाल कमर्शियल या दूसरे कामों के लिए नहीं किया जा सकेगा.
- सर्विस स्टेशन पर केरोसिन के स्टोरेज और वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा.
- प्रशासन और जांच एजेंसियों को ये अधिकार होगा कि वे कभी भी जांच कर सकते हैं.

अगले 60 दिन या नए आदेश जारी होने तक लागू
सबसे अहम बात यह है कि यह पूरी व्यवस्था अस्थायी है. यह नोटिफिकेशन तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है, लेकिन यह केवल 60 दिनों के लिए ही मान्य रहेगी या फिर अगले आदेश तक लागू रहेगी.
कुल मिलाकर…सरकार का यह कदम केरोसिन सप्लाई को मजबूत करने और जरूरतमंद लोगों तक इसे तेजी से पहुंचाने की कोशिश है. अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही रहते हैं, तो आने वाले समय में इस तरह के और फैसले भी देखने को मिल सकते हैं.
बता दें कि देश के कुछ शहरों में पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल खत्म होने की खबरों से अफरातफरी का माहौल हो गया था. सरकार और तेल मार्केटिंग कंपनियों ने ऐसी अफवाहों का खंडन करने के बाद स्थिति नियंत्रण में है. सरकार ने स्पष्ट किया कि तेल और गैस की फिलहाल कमी नहीं है. लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर खरीदारी (Panic Buying) न करें.
Source: Ministry of Petroleum and Natural Gas, PIB, Reuters, NDTV Research
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