सर्वे के अनुसार, दिल्ली का GSDP 2026-27 में 9.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी से लगभग 13.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. राजधानी की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का दबदबा है, जिसका योगदान 86 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि कृषि का 0.8 प्रतिशत ही योगदान है.
दिल्ली का बजट 1 लाख करोड़ रुपये का रहा, जिसमें 59,300 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए. परिवहन क्षेत्र को सबसे ज्यादा, करीब 20 प्रतिशत हिस्सा मिला. इसके अलावा, सरकार ने रेवेन्यू सरप्लस बनाए रखा है और वित्तीय घाटा भी GSDP के 3 प्रतिशत के भीतर है, जो सुरक्षित स्तर माना जाता है.


