IPS Wedding Controversy: उत्तर प्रदेश कैडर के दो चर्चित आईपीएस अधिकारियों संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई (केके बिश्नोई ) और बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा की हालिया शादी सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा में रही. शादी की तस्वीरें और रील्स तेजी से वायरल हुए और समारोह में भारी भीड़ देखने को मिली. मेहमानों के बीच सेल्फी का दौर चलता रहा, जिसमें कुछ समाजवादी पार्टी (सपा) से जुड़े नेता भी नजर आए.
यहीं से विवाद ने सियासी रंग पकड़ लिया. बताया जा रहा है कि इन नेताओं का शादी में शामिल होना पार्टी नेतृत्व को नागवार गुजरा, जिसके बाद सार्वजनिक तौर पर नाराज़गी जताई गई.
आईपीएस केके बिश्नोई-अंशिका वर्मा की शादी की तस्वीरें वायरल
दरअसल, जोधपुर (राजस्थान) में आयोजित इस भव्य शादी समारोह में समाजवादी पार्टी के कई नेता पहुंचे थे. उन्होंने न केवल समारोह में हिस्सा लिया बल्कि तस्वीरें भी खिंचवाईं. जब ये तस्वीरें पार्टी नेतृत्व तक पहुंचीं तो मामला सीधे सपा प्रमुख अखिलेश यादव तक जा पहुंचा. इस पर जब अखिलेश यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पार्टी नेताओं को इस शादी में नहीं जाना चाहिए था.
क्या बोले अखिलेश यादव?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भले ही हल्के अंदाज़ में जवाब देकर विवाद को बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ने इसे गंभीरता से लिया. सपा मीडिया सेल ने शादी में शामिल नेताओं को सार्वजनिक तौर पर नसीहत देते हुए चेतावनी भरा संदेश जारी किया. पोस्ट में आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई को “विवादित” और “भाजपाई” तक बताया गया. साथ ही यह भी कहा गया कि बदलते राजनीतिक माहौल को देखते हुए उन्होंने समाजवादियों को आमंत्रित किया.
सपा मीडिया सेल की कड़ी टिप्पणी
सपा मीडिया सेल ने अपने बयान में कहा कि कुछ अधिकारी और भाजपा से जुड़े लोग, जिन्होंने जाति-धर्म के आधार पर समाज पर अत्याचार किए हैं, वे बदलती सियासी परिस्थितियों को भांपकर अब समाजवादियों के संपर्क में आने की कोशिश कर सकते हैं. पोस्ट में आगे कहा गया कि समाजवादियों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे “समाजविरोधी तत्वों” से दूरी बनाए रखें और उन्हें बेनकाब करें. साथ ही राजनीतिक और सामाजिक नैतिकता का पालन करने की बात भी दोहराई गई.
आईपीएस को विवादित क्यों कहा गया?
कृष्ण कुमार बिश्नोई फिलहाल संभल जिले के पुलिस कप्तान हैं और पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में रहे हैं. खासकर संभल की जामा मस्जिद के सर्वे के बाद हुई हिंसा के मामलों में उनकी भूमिका चर्चा में रही. बुलडोज़र कार्रवाई, नोटिस, गिरफ्तारियां और वायरल वीडियो जैसे कई मुद्दों के चलते वे राजनीतिक बहस के केंद्र में रहे हैं. समाजवादी पार्टी पहले भी उन पर आरोप लगाती रही है कि उन्होंने भाजपा के इशारे पर कार्रवाई की. सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क़ और जामा मस्जिद से जुड़े पदाधिकारियों पर हुई कानूनी कार्रवाई के बाद से ही पार्टी उन्हें “विवादित” बताती रही है.
कौन-कौन नेता हुए शामिल?
इस चर्चित शादी समारोह में शामिल होने वाले सपा नेताओं में संभल के जिला अध्यक्ष असगर अली अंसारी, संभल सदर से विधायक नवाब इकबाल महमूद, असमोली से विधायक पिंकी यादव और गुन्नौर से विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव शामिल बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, इनके अलावा भी कुछ अन्य सपा नेता शादी में शामिल होने राजस्थान पहुंचे थे. हालांकि जब इन नेताओं से इस मामले पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो किसी ने भी खुलकर कुछ कहने से परहेज किया.


