MP में घरेलू गैस संकट; शहडोल-जबलपुर में एजेंसियों पर लंबी कतारें


Domestic Gas Shortage in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के कई जिलों में घरेलू गैस की किल्लत अब आम लोगों की परेशानी बढ़ाने लगी है. शहडोल से लेकर जबलपुर तक गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी‑लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. हालात ऐसे हैं कि लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद सिलेंडर मिलने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं. कई जगहों पर एजेंसियों के बाहर भीड़ सड़कों तक फैल गई है, जिससे रोजमर्रा का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से घरों में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है. वहीं प्रशासन और गैस एजेंसी संचालक गैस आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात इन दावों से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति में रुकावट को भी इस संकट की एक बड़ी वजह माना जा रहा है. बढ़ती भीड़ और लगातार मिल रही शिकायतों ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है.

Domestic Gas Shortage: मध्य प्रदेश में घरेलू गैस के लिए लंबी कतार

Domestic Gas Shortage: मध्य प्रदेश में घरेलू गैस के लिए लंबी कतार

शहडोल में घरेलू गैस की किल्लत, एजेंसियों पर सुबह से उमड़ी भीड़

शहडोल जिले में घरेलू गैस की किल्लत अब खुलकर सामने आने लगी है. गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं. हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर सड़क तक लाइनें फैल गई हैं. लोग गैस सिलेंडर के लिए परेशान नजर आ रहे हैं.

एजेंसियों के बाहर लंबी लाइन, कई घंटे का इंतजार

सुबह होते ही लोग गैस एजेंसियों के बाहर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलेंडर मिलने में कई‑कई घंटे लग जा रहे हैं. कतार में खड़े उपभोक्ताओं का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर मिलने की कोई तय जानकारी नहीं मिल पा रही है. जैसे‑जैसे समय बीत रहा है, एजेंसियों के बाहर भीड़ और बढ़ती जा रही है.

Domestic Gas Shortage: घरेलू गैस की किल्लत

Domestic Gas Shortage: घरेलू गैस की किल्लत

युद्ध का असर, आपूर्ति पर दबाव

स्थानीय लोगों का कहना है कि ईरान‑इजराइल युद्ध का असर अब घरेलू गैस आपूर्ति पर भी दिखने लगा है. अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है, जिसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है. हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है.

प्रशासन के दावे, लेकिन जमीनी हालात अलग

एक तरफ जिला प्रशासन और गैस एजेंसी संचालक यह दावा कर रहे हैं कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. प्रशासन के दावों के बीच उपभोक्ता रोजमर्रा की जरूरत के लिए गैस पाने को परेशान हो रहे हैं.

जबलपुर में भी हालात गंभीर, घंटों लाइन में खड़े लोग

शहडोल की तरह जबलपुर में भी घरेलू गैस को लेकर हालात चिंताजनक बने हुए हैं. भले ही राज्य सरकार और जिला प्रशासन गैस सिलेंडर की कमी से इनकार कर रहे हों, लेकिन शहर की कई गैस एजेंसियों के बाहर तीन‑तीन से चार‑चार घंटे तक लोगों को लाइन में खड़ा देखा जा रहा है.

ओटीपी और डिलीवरी की समस्या से बढ़ी परेशानी

लाइन में लगे उपभोक्ताओं की अलग‑अलग समस्याएं सामने आ रही हैं. कई लोगों का कहना है कि गैस बुकिंग के बाद भी उन्हें ओटीपी नहीं मिल पा रहा है, जिससे सिलेंडर नहीं मिल रहा. वहीं कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने पहले ही सिलेंडर बुक कर लिया था, लेकिन कई दिनों बाद भी डिलीवरी नहीं हुई.

कालाबाजारी रोकने प्रशासन की सख्ती

बढ़ती शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई तेज कर दी है. कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमार कार्रवाई शुरू की गई है. घरों में घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध स्टॉक रखने वालों पर नजर रखी जा रही है. प्रशासन के अनुसार गुरुवार को शहर में तीन बड़ी कार्रवाइयां की गईं.

होटल‑रेस्टोरेंट पर भी नजर

प्रशासन की टीमें बड़े होटल और रेस्टोरेंट पर भी निगरानी रख रही हैं. यह जांच की जा रही है कि उनके पास इस्तेमाल हो रहे कमर्शियल गैस सिलेंडर कहां से आ रहे हैं और क्या नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं. घरेलू गैस को लेकर बने इन हालातों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन के दावों और जमीनी हालात के बीच यह संकट कब तक खत्म होता है.

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