अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दो तरह की रणनीति पर काम कर रहा है. एक तरफ वह अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर जिम्मेदारी बांट रहा है और दूसरी तरफ जरूरत पड़ने पर सीधे सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दे रहा है. यह बात संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कही. सीबीएस न्यूज के कार्यक्रम ‘फेस द नेशन’ में वॉल्ट्ज ने कहा कि अमेरिका दोनों रास्तों पर एक साथ आगे बढ़ सकता है. उन्होंने साफ किया कि यह जरूरी नहीं है कि अमेरिका सिर्फ बल प्रयोग करे या केवल सहयोगियों पर निर्भर रहे, दोनों विकल्प साथ-साथ चल सकते हैं.
उन्होंने बताया कि अब इटली, जर्मनी, फ्रांस समेत कई देश इस मिशन में मदद के लिए आगे आए हैं. इसके अलावा जापान ने भी नौसेना सहयोग देने का वादा किया है, क्योंकि खाड़ी से निकलने वाले तेल का बड़ा हिस्सा एशिया जाता है. वॉल्ट्ज ने यह भी कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर कार्रवाई तेज करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पहले ही साफ कर चुके हैं कि ईरान की सैन्य ताकत, मिसाइल, नौसेना और ड्रोन क्षमता को लगातार कमजोर किया जाएगा.


