जयपुर की अनु मीणा सुसाइड के बाद उसके XEN पति गौतम मीणा का पहली बार बयान सामने आया है. मंगलवार को गौतम ने कहा कि ये लोग (अनु के परिवारवाले) मेरी नौकरी खाना चाह रहे हैं. उसने दावा किया कि मेरी जिंदगी की पूरी संपत्ति का 70 प्रतिशत अनु के नाम पर है. मैं हर एनिवर्सरी पर उसे अंगूठी देता था और पिछले बर्थडे पर अनु को स्कोडा दी थी. गौतम ने आरोप लगाया कि उसके दोनों बच्चों को भड़काया जा रहा है. अब उसके आगे पीछे कोई नहीं है. आरोपी XEN पति गौतम मीणा का कहना है कि जो भी एविडेंस मेरे फेवर में थे, सब हटा लिए.
07 अप्रैल को क्या हुआ?
वीडियो में अनु के पति गौतम ने पूरे घटनाक्रम के बारे बताया कि 05 अप्रैल को मैंने चौथ साथ में ही मनाया और पूजा की. इसके बाद 06 तारीख को ऑफिस गया और वापस आकर शाम को खुद ही बनाकर खिलाया. फिर 7 तारीख को ऑफिस में कोई काम नहीं था तो अनु को बोला- मैं चोमूं का प्लाट देख आता हूं. सुबह बच्चों को स्कूल छोड़कर आया. अनु ने बैग में कुछ घरेलू सामान डालकर दिया था और जैसे ही घर से गया, चोमूं पहुंचने ही वाला था कि अनु का दो बार फोन आया और बोली कि वापस आ जाओ.
“CCTV से ब्लैकमेल कर रहे”
इस पर मैंने बोला कि मैं चौमूं पहुंच गया हूं, अब काम देखकर ही आऊंगा. गौतम ने आगे बताया कि इसके बाद अनु ने मेरे पास वाट्सएप पर वीडियो कॉल किया, चुन्नी लेकर जा रही थी ऊपर. मैंने उसको कसम दिलाया. फिर भी वह नहीं मानी तो आनन-फानन में उस समय मेरे दिमाग में कुछ समझ नहीं आया. तुरंत मैंने पड़ोसी दिग्विजय जांघिड़ को फोन किया और कहा- अनु को कैसे भी करके बचाओ. लेकिन गेट तोड़ने में थोड़ा समय लग गया. मौके पर पहुंचकर तुरंत अस्पताल ले गया, जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम के दौरान मैं साथ रहा. जो सीसीटीवी सामने आया है, उसके आधार पर मुझे लगातार ब्लैक मेल किया जा रहा है.
7 अप्रैल से बच्चों से नहीं कराई बात
गौतम ने आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार के दिन ये लोग (अनु के परिवारवाले) आए. इसके बाद आए भी नहीं. पीछे से मेरे मम्मी के गहने और सभी जेवरात ये लोग लेकर चले गए. बच्चों को 7 अप्रैल से बात नहीं कराई, उनको बहकाकर रखा, जो ये लोग बोल रहे हैं, वहीं, बच्चे भी बोल रहे हैं. जिस दिन एफआईआर करवाई, उस दिन इंस्टाग्राम को डिलीट कर दिया.
12वें दिन अनु के परिवार वाले और सर्व समाज में बात हुई. सर्व समाज ने तय किया कि बच्चों के नाम प्रॉपर्टी दे दो. मैंने कहा कि लीगल कस्टडी क्या होती है, बच्चों को पालो और मुझे मिला दो. पर इन लोगों ने 7 तारीख के बाद मेरी बात ही नहीं कराई. पूरी तरह से बच्चों को मेरे खिलाफ भड़का दिया. अनु के नाम पत्रकार में भी एक प्लॉट 500 गज का चोमूं में हैं. मैंने कभी भी पैसे के लिए प्रताड़ित नहीं किया है.
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