ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता लटकी तो होर्मुज में खड़े 2 हजार से ज्यादा जहाजों को लगा झटका

ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता लटकी तो होर्मुज में खड़े 2 हजार से ज्यादा जहाजों को लगा झटका ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता लटकी तो होर्मुज में खड़े 2 हजार से ज्यादा जहाजों को लगा झटका


होर्मुज में अभी भी फंसे हैं 2 हजार से ज्यादा जहाज

नई दिल्ली:

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को रोकने की शर्तों को लेकर गंभीर मतभेद बने हुए हैं और तमाम कोशिशों के बावजूद भी बातचीत फिर शुरू नहीं हो पा रही है. इसकी वजह से पूरे मध्यपूर्व एशिया में अनिश्चित और तनाव फिर बढ़ रहा है. स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में अभी 2000 से ज्यादा कार्गो जहाज पिछले 57 दिनों से फंसे हुए हैं जिस पर करीब 22,000 नाविक सवार है. इसमें भारतीय ध्वज वाले 14 कारगो जहाज है, जिसमें तीन ऑयल टैंकर है और एक एलपीजी टैंकर है.

आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को तत्काल वहां से निकल जाने के लिए फिर आग्रह किया है.शनिवार को एक ऑफिशल  रिलीज जारी कर भारत सरकार ने कहा कि मालवाहक और चार्टर्ड उड़ानों के लिए ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है. भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है और जो पहले से ही ईरान में हैं, उनसे हमारे दूतावास के सहयोग से जमीनी सीमा मार्गों से निकलने का आग्रह किया जाता है.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद अब तक कुल 2443 भारतीय नागरिकों को ईरान से बाहर निकलने में तेहरान स्थित दूतावास ने मदद की है. इसमें बड़ी संख्या में ईरान के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले भारतीय स्टूडेंट और मछुआरे हैं.युद्ध शुरू होने से पहले ईरान में करीब 9000 से 10000 भारतीय नागरिक रह रहे थे. यानि अब भी ईरान में करीब 6500 से 7500 भारतीय नागरिक हैं जिनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार चिंतित है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 12 लाख 65000 भारतीय नागरिक पश्चिम एशिया से स्वदेश वापस लौट चुके हैं. 

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