उत्तराखंड के विकासनगर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने उफनती शक्ति नहर में छलांग लगाकर अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश की. तेज बहाव वाली इस खूनी नहर में महिला को डूबता देख मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई. हर किसी की सांसें थम गईं; यह खौफनाक मंजर जिसने भी देखा, वह सन्न रह गया. लेकिन तभी अचानक दो नौजवान मौत की धारा में कूद पड़े और शुरू हो गई जिंदगी और मौत के बीच खौफनाक जंग.
पति से विवाद के बाद तनाव में थी पिंकी
यह पूरी घटना नवाबगढ़ क्षेत्र के पुल नंबर एक, शक्ति नहर की बताई जा रही है. जहां पिंकी नाम की महिला अपने पति से विवाद के बाद इस कदर तनाव में आ गई कि उसने मौत को गले लगाने का फैसला कर लिया. गुस्से में महिला सीधे शक्ति नहर के उफनते पानी में कूद गई. जानकारी के मुताबिक, महिला के पानी में गिरते ही तेज बहाव उसे बहाकर ले जाने लगा. नहर की डरावनी लहरों के बीच महिला को बहता देख आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई. तभी नदीम और आलमगीर नाम के दो जांबाज युवक फरिश्ता बनकर सामने आए. बिना एक पल गंवाए दोनों युवकों ने अपनी जान दांव पर लगाकर शक्ति नहर में छलांग लगा दी.
तीनों ही लहरों में फंस गए
पानी का बहाव इतना खतरनाक था कि कुछ देर तक तीनों ही लहरों में फंस गए. मौके पर मौजूद लोगों की धड़कनें थम गईं. हर किसी को डर था कि कहीं तीनों नहर में समा न जाएं. लेकिन मौत को मात देने की जिद लेकर उतरे दोनों युवकों ने हार नहीं मानी. काफी देर तक चले रेस्क्यू के बाद दोनों युवकों ने महिला को पकड़कर किनारे की तरफ खींचना शुरू किया, तो स्थानीय लोगों ने भी हाथ बढ़ाया और आखिरकार महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इस दौरान मौके पर मौजूद एक शख्स ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद मौत की नहर से जिंदगी को खींचते युवकों का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग दोनों युवकों की हिम्मत को सलाम कर रहे हैं. आप भी देखिए इन जांबाजों की जांबाजी….
वहीं, घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब पूरे मामले की जांच की तो सामने आया कि महिला का अपने पति से विवाद हुआ था. विवाद के बाद वह इतना टूट गई थी कि उसने अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया. महिला का पति ट्रैक्टर चालक बताया जा रहा है और दोनों विकासनगर में अपने दो बच्चों के साथ रह रहे हैं. पुलिस ने दोनों को समझाकर भविष्य में किसी भी परेशानी पर मदद लेने की सलाह दी.
लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक शक्ति नहर यूँ ही लोगों की जिंदगी निगलती रहेगी? लोगों का आरोप है कि शक्ति नहर अब सुसाइड पॉइंट बनती जा रही है. आए दिन कोई न कोई यहाँ मौत को गले लगाने पहुंच जाता है. कुछ दिन पहले भी इसी नहर में एक महिला अपनी दो मासूम बच्चियों के साथ कूद गई थी. उस दर्दनाक हादसे में बच्चियों को तो बचा लिया गया था, लेकिन महिला की जान नहीं बच सकी थी. लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद उत्तराखंड जल विद्युत निगम की लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. नहर के किनारे न तो सुरक्षा जाली लगाई गई है और न ही कोई मजबूत सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा बैरिकेडिंग और जालियां लगा दी जातीं, तो कई जिंदगियां बच सकती थीं.


