खिड़कियां खोलें-पंखे चलाएं… 40 डिग्री गर्मी में भी ब्रिटेन सरकार घरों से क्यों हटवा रही AC? | uk heatwave 2026 britain councils forcing residents remove ac sadiq khan net zero

Latest and Breaking News on NDTV खिड़कियां खोलें-पंखे चलाएं... 40 डिग्री गर्मी में भी ब्रिटेन सरकार घरों से क्यों हटवा रही AC? | uk heatwave 2026 britain councils forcing residents remove ac sadiq khan net zero


लंदन:

आमतौर पर ठंडा रहने वाला यूरोप अब भट्टी की तरह जल रहा है. तापमान हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रहा है. कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री को पार कर गया है. बढ़ती गर्मी के बीच AC की बिक्री बढ़ गई है. लेकिन ब्रिटेन में इसका उलट हो रहा है. वहां गर्मी बढ़ने के बावजूद जिन घरों में AC लगा है, उन घरों में रहने वालों को AC हटाने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

ब्रिटेन में AC हटाने के लिए सबसे ज्यादा सख्ती लंदन में की जा रही है. काउंसिल के अधिकारियों ने लोगों को AC हटाने का आदेश दिया है. ब्रिटिश न्यूज वेबसाइट ‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि AC से बहुत ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है और इनका इस्तेमाल सिर्फ ‘आखिरी उपाय’ के तौर पर ही किया जाना चाहिए.

लोगों को AC हटाने के लिए ऐसे समय मजबूर किया जा रहा है, जब ब्रिटेन हीटवेव की चपेट में हैं, जिसके कारण स्कूल बंद कराने पड़े हैं, ट्रेनें रोक दी गई हैं और वहां के मौसम विभाग ने ‘रिस्क-टू-लाइफ’ का रेड अलर्ट जारी किया है. 

और तो और, फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि AC नहीं होने के कारण अस्पतालों ने सर्जरी फिलहाल के लिए टाल दी हैं. रिपोर्ट कहती है कि हीटवेव और AC न होने के कारण पूरे ब्रिटेन में 4 हजार से ज्यादा ऑपरेशन टलने का खतरा है.

AC क्यों हटवाया जा रहा है?

ये सारी सख्तियां ‘नेट जीरो पॉलिसी’ के तहत हो रही हैं. ये बिल्डिंग प्लान का हिस्सा है. यह पॉलिसी कहती है कि ‘एक्टिव कूलिंग’ की इजाजत तभी दी जानी चाहिए जब ‘पैसिव कूलिंग’ के सभी तरीके आजमा लिए गए हों. यानी, AC का इस्तेमाल तभी हो सकता है, जब और कोई उपाय न बचा हो.

‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कैमडेन काउंसिल एक फ्लैट से दो AC हटवाए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि AC की जगह खिड़की-दरवाजे खोलकर रखें. प्लानिंग इंस्पेक्टर घर-घर जाकर लोगों से AC हटवाने को कह रहे है.

काउंसिल का कहना है कि AC की बजाय लोगों को दूसरे तरीके आजमाना चाहिए. जैसे- खिड़की-दरवाजे खोलकर रखें या ऐसे तरीके आजमाएं जिससे गर्मी घर के अंदर न आए. मतलब गर्मी से बचने के लिए खिड़की-दरवाजे खोलें या पंखे चलाएं और अगर फिर भी असर न पड़े तब जाकर AC लगवाएं.

यह भी पढ़ेंः यह गर्मी अमेरिका की वजह से पैदा हुई, तपिश से 1000 मौतें झेल चुका फ्रांस क्यों लगा रहा ऐसा आरोप

Latest and Breaking News on NDTV

लंदन और आसपास ज्यादा सख्ती?

राजधानी लंदन और आसपास के इलाकों में AC को लेकर ज्यादा सख्ती है. लंदन के मेयर सादिक खान ने 2021 में ‘लंदन प्लान’ पेश किया था, जिसमें कहा गया है कि लंदन में नए डेवलपमेंट को इस तरह से डिजाइन किया जाना चाहिए कि ज्यादा ऊर्जा खपत वाले AC की जरूरत कम से कम पड़े.

वहीं, कैमडेन जैसे स्थानीय अथॉरिटी प्लान में तो और भी सख्ती कर दी गई है. इनमें कहा गया है कि AC के इस्तेमाल से ऊर्जा की मांग बढ़ती है और आबोहवा गर्म हो जाती है, इसलिए AC का इस्तेमाल किया ही न जाए.

लंदन की दूसरी काउंसिल्स ने भी जलवायु कारणों से AC के इस्तेमाल पर रोक लगाने की कोशिश की है. इनमें इस्लिंगटन भी शामिल है, जिसका कहना है कि इसे सिर्फ ‘आखिरी उपाय’ के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

ये सारे नियम-कायदे नेशनल बिल्डिंग प्लान में लिखी बातों से कहीं ज्यादा सख्त हैं. नेशनल बिल्डिंग प्लान में कहा गया है कि AC के बारे में सोचने से पहले ‘पैसिव कूलिंग’ के तरीकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

कई इंजीनियरों ने ‘द टेलीग्राफ’ को बताया कि उन्हें पूरे लंदन भर में हजारों AC को हटाने के लिए बुलाया गया था.

यह भी पढ़ेंः दिल्ली की गर्मी भूल जाएंगे आप, दुनिया के इन शहरों में आसमान से बरसती है आग, इतना होता है पारा

आंकड़े क्या कहते हैं?

ये हाल तब है जब ब्रिटेन में AC का इस्तेमाल बहुत कम होता है. ‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में सिर्फ 3% घरों में ही AC लगा है, जबकि अमेरिका में 90% घरों में AC है. 

क्लाइमेट चेंज कमेटी का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ केयर होम, स्कूलों और अस्पतालों में AC की जरूरत है.

Latest and Breaking News on NDTV

राजनीतिक घमासान

ब्रिटेन में जिस तरह से AC हटवाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, उसे लेकर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है. कंजर्वेटिव पार्टी का कहना है कि इससे ब्रिटेन को ‘डार्क एज’ यानी ‘अंधेरे युग’ में धकेला जा रहा है.

कंजर्वेटिव नेता क्लेयर कोउटिन्हो का कहना है कि ‘हमें इस नेट जीरो वाली सोच से बाहर निकलना होगा, जो कहती है कि सिर्फ ब्रिटेन को ही डार्क एज में अटके रहना चाहिए और उन आधुनिक सुविधाओं का आनंद नहीं लेना चाहिए, जो दूसरे देशों में बिल्कुल आम हैं.’

हालांकि, सरकार इसका बचाव कर रही है. लेबर पार्टी का कहना है कि नए घरो के लिए बिल्डिंग प्लानिंग नियमों की समीक्षा की जा रही है. सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि AC पर कोई रोक नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि काउंसिल्स को समझदारी भरा रवैया अपनाना चाहिए. वहीं, सादिक खान के एक प्रवक्ता ने कहा कि इन नियमों से बिजली की ज्यादा खपत किए बगैर घरों को ठंडा रखने में मदद मिलती है.

कंजर्वेटिव पार्टी नियमों में बदलाव की मांग कर रही है, जबकि लेबर पार्टी ने इन नियमों में बदलाव की मांग का विरोध किया है.

यह भी पढ़ेंः VIDEO: धरती बनी दहकती भट्टी! यूरोप से अमेरिका तक गर्मी का ऐसा तांडव…पिघल रही सड़कें और डस्टबिन
 




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *