ट्रंप की तुनकमिजाजी से अमेरिकी परेशान, पोप के झगड़े में तो आधे से ज्यादा उनके खिलाफ गए

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ईरान के साथ भीषण युद्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति का एक अलग ही रूप देखने को मिला. उन्होंने युद्ध की शुरुआत से ही कई अजीबोगरीब बयान दिए. ट्रंप कभी ईरान की पूरी सभ्यता को खत्म करने की धमकी देते दिखे तो कभी शांतिदूत बनने की कोशिश करते. ईरान युद्ध के साथ-साथ वो पोप लियो के साथ विवाद में पड़ गए. ट्रंप की इस तुनकमिजाजी से अब उनका देश अमेरिका भी परेशान है. ट्रंप के खिलाफ हजारों अमेरिकी सड़कों पर उतर गए और प्रदर्शन किया. हालात ये हैं कि हाल के दिनों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग उनके कार्यकाल के सबसे निचले स्तर पर बनी रही.

ट्रंप के तरीकों के खिलाफ हैं उनके ही देश के लोग

रॉयटर्स-इप्सोस के एक सर्वे के अनुसार, अमेरिकी नागरिक ट्रंप के स्वभाव पर सवाल उठा रहे हैं. सर्वे से पता चला है कि केवल 36% अमेरिकी ट्रंप के काम करने के तरीके को पसंद करते हैं, जो एक महीने पहले के स्तर पर ही बना हुआ है. 20 जनवरी 2025 को पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, ट्रंप को अपने मौजूदा कार्यकाल की सबसे ऊंची अप्रूवल रेटिंग (47%) मिली थी.

फरवरी में ट्रंप प्रशासन और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद से ट्रंप पर दबाव बना हुआ है, जिससे पेट्रोल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. लगभग 36% अमेरिकी ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हमलों का समर्थन करते हैं, जबकि एक पुराने सर्वे में यह आंकड़ा 35% था. देशभर में 4557 अमेरिकी लोगों पर ऑनलाइन किए गए इस सर्वे में त्रुटि की गुंजाइश 2 प्रतिशत अंकों की थी.

सर्वे से पता चला कि कई अमेरिकी, जिनमें ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सदस्य भी शामिल हैं, लगातार कई बार भड़कने वाली घटनाओं के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के स्वभाव और सोचने की शक्ति को लेकर कुछ हद तक चिंतित हैं. केवल 26% अमेरिकियों ने कहा कि वे ट्रंप को शांत स्वभाव वाला मानते हैं. इस सवाल पर रिपब्लिकन बंटे हुए थे. 53% उन्हें शांत स्वभाव का मानते थे और 46% का कहना था कि वे ऐसे नहीं हैं, जबकि कुछ लोगों ने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया. केवल 7% डेमोक्रेट ट्रंप को शांत स्वभाव वाला मानते थे.

ट्रंप की बयानबाजी, जिसकी हुई आलोचना

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में कई अजीबोगरीब बयान दिए हैं. युद्ध के बीच उन्होंने ईरान की सभ्यता मिटाने की धमकी दी. जब पोप ने ईरान युद्ध की आलोचना की तो ट्रंप ने पोप लियो पर भी निशाना साध दिया. उन्होंने पोप को अपराध के मामलों में कमजोर होने का आरोप लगाया. ट्रंप ने ईरान के पुलों और पावर प्लांट नष्ट करने की धमकी दी और ऐसा करते समय उन्होंने अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया है. इस साल की शुरुआत में, उन्होंने अपने सहयोगियों को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने की अपनी मांग को लेकर NATO सहयोगी डेनमार्क के खिलाफ सैन्य बल इस्तेमाल करने की धमकी दी थी.

इस सर्वे में करीब 51 फीसदी अमेरिकियों ने कहा कि ट्रंप की सोचने की शक्ति खराब हो गई है. इन 51% लोगों में 14% रिपब्लिकन, 54% निर्दलीय और 85% डेमोक्रेट शामिल हैं.

पोप को ट्रंप से बेहतर मानते हैं अमेरिकी

सर्वे के मुताबिक, अमेरिकी लोग ट्रंप के मुकाबले पोप के बारे में अच्छी राय रखते हैं. करीब 60 फीसदी लोगों ने कहा कि वे पोप लियो के बारे में अच्छी राय रखते हैं, जबकि 36% लोगों ने ट्रंप के बारे में ऐसी ही राय जाहिर की. अमेरिकियों ने पोप को कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम और पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस जैसे प्रमुख डेमोक्रेट नेताओं के मुकाबले भी ज्यादा अच्छी माना. पोल में यह भी पता चला कि सिर्फ 16% अमेरिकी ही NATO गठबंधन से अमेरिका के बाहर निकलने का समर्थन करते हैं, एक ऐसा कदम जिसकी धमकी ट्रंप ने दी थी.

ईरान युद्ध पर क्या सोचते हैं अमेरिकी?

ईरान के साथ युद्ध की वजह से पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आया, जिसका असर ज्यादातर अमेरिकियों की आर्थिक स्थिति पर पड़ा है. अमेरिका में जीवन-यापन की लागत को संभालने के मामले में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 26% रही, जो अब तक की उनकी सबसे कम रेटिंग के बराबर है. इसी तरह सिर्फ 26% लोगों ने कहा कि ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, उस पर आए खर्च के लिहाज से सही थी. 25% लोगों ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान पर अमेरिकी हमलों से अमेरिका ज्यादा सुरक्षित होगा.

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