नई दिल्ली:
सोना खरीदने की बात जब भी आती है तो हमारे दिमाग में भारत और चीन के खरीदारों का ख्याल आता है. लेकिन इस वक्त दुनियाभर के देश सोने के पीछे पागल हैं. दुनियाभर के केंद्रीय बैंक बहुत ही तेजी से लेकिन चुपचाप अपने सोने के भंडार को बढ़ाने में जुटे हुए हैं. मतलब ये कि वे तेजी से सोना खरीद रहे हैं. पोलैंड और उज्बेकिस्तान जैसे देशों ने तो इस दौड़ में सबसे आगे निकलते हुए सभी को चौंका दिया है. दुनियाभर में इन दिनों युद्ध की वजह से अनिश्चितता का माहौल है. सवाल ये है कि ऐसे में ये देश आखिर इतना सोना अपनी तिजोरियों में जमा क्यों कर रहे हैं?
‘द कोबेसी लेटर’ (The Kobeissi Letter) के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों का सोना खरीदने का सिलसिला 23वें महीने भी लगातार जारी रहा. ग्लोबल सेंट्रल बैंकों ने फरवरी 2026 में ही 19 टन सोने की खरीदारी की. इससे पहले जनवरी में भी 6 टन सोना खरीदा गया था. यानी कि साल 2026 में अब तक 25 टन सोना इन बैंकों की तिजोरियों में जमा हो चुका है.
BREAKING: Global central banks bought +19 tonnes of gold in February, posting their 23rd consecutive monthly purchase.
This follows +6 tonnes in January, with year-to-date purchases now at +25 tonnes.
The National Bank of Poland led with +20 tonnes, bringing gold reserves to… pic.twitter.com/BkZTfo5hpD
— The Kobeissi Letter (@KobeissiLetter) April 9, 2026
पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने खरीदा 20 टन सोना
सोने की खरीद के मामले में पोलैंड ने तो सभी को चौंका दिया है. उसके सेंट्रल बैंक ने अकेले ही 20 टन सोना खरीद लिया. उसकी तिजोरी में अब कुल 570 टन सोना जमा है, जो कि उनके कुल विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 31 फीसदी है. इसी उज्बेकिस्तान भी सोना खरीदी के मामले में पीछे नहीं है. उज्बेकिस्तान के सेंट्रल बैंक ने 8 टन सोना खरीदा है. उनकी तिजोरी में सोने का भंडार 407 टन हो गया है, जो उनके कुल विदेशी मुद्रा भंडार का 88 फीसदी है.
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चीन भी जमकर खरीद रहा सोना
सोने की खरीद के मामले में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी कि चीन भी पीछे नहीं है. चीन का तो सोने से पुराना प्यार है. उसने लगातार 16वें महीने सोने की जमकर खरीदारी की है और फरवरी में 1 टन सोना खरीदा. चीन का सोने का कुल भंडार 2,308 टन हो गया है.

रूस और तुर्की के सोने के भंडार में गिरावट
दुनिया के कुछ देश ऐसे भी हैं जो आर्थिक दबाव की वजह से अपना सोना बेचने में लगे हैं. ये देश हैं रूस और तुर्की. दोनों ही देशों के सोने के भंडार में फरवरी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई. वैश्विक अनिश्चितता के बीच रूस ने 6 टन तो वहीं तुर्की ने 8 टन सोना बेच दिया. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान युद्ध की वजह से पैदा हुए भारी आर्थिक दबाव के बीच तुर्की को मार्च में अनुमानित 120 टन सोना बेचा.

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सोने का भाव 1 लाख 51 हजार के पार
ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से इन दिनों दुनियाभर में तनाव है. दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं हो पा रही है. इस वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद है. इस वजह से वैश्विक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. MCX पर सोना फिलहाल 1 लाख 51 हजार रुपये के पार पहुंच गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सोना सुरक्षित निवेश के बजाय बाजार में ‘तरलता’ लाने का काम कर रहा है.
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