केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि मानसरोवर के प्रति देश की गहरी आस्था है और इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार एक कठिन लेकिन ऐतिहासिक सड़क परियोजना पर काम कर रही है.
देहरादून में गडकरी ने बताया कि टणकपुर से पिथौरागढ़ होते हुए लिपुलेख तक सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत करीब 5,200 करोड़ रुपये है.
370 किलोमीटर की सड़क, बड़ा भूगोलिक चैलेंज
गडकरी के मुताबिक, इस सड़क की कुल लंबाई 370 किलोमीटर है, जिसमें से लगभग 200 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. हालांकि, शेष 129 किलोमीटर का हिस्सा बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से गुजरता है, जहां निर्माण कार्य में गंभीर बाधाएं हैं.
एक साल में पूरा करने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद सरकार इस परियोजना को अगले एक वर्ष के भीतर पूरा करने का प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि अभी मानसरोवर जाने के लिए नेपाल और चीन के रास्ते पर निर्भरता है, लेकिन इस सड़क के बन जाने से भारत से सीधा और सुविधाजनक संपर्क संभव हो सकेगा.
यह परियोजना न सिर्फ आस्था और राष्ट्रहित से जुड़ी मानी जा रही है, बल्कि सीमा क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और रणनीतिक मजबूती की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है.


