Shark Tank judge Namita Thapar: शार्क टैंक इंडिया की जज नमिता थापर ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. नमाज के स्वास्थ्य फायदों पर बनाई गई एक रील के बाद उन्हें और उनकी मां को गाली-गलौज का सामना करना पड़ा. नमिता ने इसे लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा कि वे एक प्राउड हिंदू हैं. मार्च 2025 के आखिरी हफ्ते में नमिता ने इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की थी. इसमें उन्होंने बताया कि नमाज दिन में पांच बार पढ़ना पूरे शरीर का व्यायाम है. उन्होंने इसके शारीरिक और सामाजिक फायदों पर भी बात की. यह रील उनके दोस्तों के साथ ईद मनाने के बाद आई, जिन्होंने उन्हें स्वास्थ्य विशेषज्ञ होने के नाते यह विषय बताने को कहा.
लोगों ने की आलोचना
नमिता ने नमाज को एक अद्भुत स्वास्थ्य अभ्यास बताया. लेकिन इस रील के बाद लगभग तीन हफ्तों तक नमिता और उनकी मां को सोशल मीडिया पर बुरी-बुरी गालियां मिलीं. लोग उन्हें अपशब्द कहते रहे. 20 अप्रैल को नमिता ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट करके इसकी जानकारी दी. वीडियो में नमिता ने कहा, “पिछले तीन हफ्ते से लोग मुझे लगातार गंदे नाम से बुला रहे हैं. मेरी प्यारी मां को भी गंदे नाम दिए जा रहे हैं. सिर्फ इसलिए कि मैंने नमाज के स्वास्थ्य फायदों पर रील बनाई.”
आरक्षण बिल का उठाया मुद्दा
नमिता ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि वह हेल्थ एक्सपर्ट हैं. उन्होंने हिंदू धर्म पर कई रील्स बनाई हैं, जैसे योगा डे और सूर्य नमस्कार के फायदों पर. तब किसी ने कुछ नहीं कहा. उन्होंने पूछा कि रिलीजियस में ‘R’ का मतलब रिस्पेक्ट (सम्मान) होता है, तो महिलाओं के साथ इस तरह व्यवहार क्यों? नमिता ने महिलाओं के सम्मान का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि आरक्षण बिल न पास होने पर लोग आवाज उठाते हैं, लेकिन दो महिलाओं की बदनामी पर चुप्पी क्यों साध ली जाती है?
प्राउड हिंदू
अपनी हिंदू पहचान पर गर्व जताते हुए नमिता ने ट्रोलर्स को चेतावनी दी. उन्होंने कहा, “मैं एक प्राउड हिंदू हूं. हिंदू धर्म में कर्मा का कॉन्सेप्ट है. भगवान सब देख रहा है. जो कर रहे हो, करते रहो.” साथ ही उन्होंने चुनौती दी कि नकारात्मक रील्स तो वायरल हो गईं, अब इस वीडियो को वायरल करके दिखाओ. नमिता का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद सिर्फ स्वास्थ्य जानकारी देना था, किसी धर्म को नीचा दिखाना नहीं.


