नोएडा के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है. दरअसल सेक्टर‑51 और सेक्टर‑52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला वह स्काईवॉक, जो पिछले करीब तीन साल से बनकर तैयार होने के बावजूद शुरू नहीं हो सका था, अब आखिरकार चालू होने की राह पर है. खराब प्लानिंग की वजह से ‘अजीब’ बन चुके इस स्काईवॉक का अब स्थायी समाधान खोज लिया गया है और नोएडा अथॉरिटी ने इसके लिए नया रूट प्लान लागू कर दिया है. नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, स्काईवॉक के नए रूट का काम शुरू हो चुका है और इसे पूरा होने में 3 से 4 महीने का समय लगेगा. इसके बाद सेक्टर‑51 और सेक्टर‑52 मेट्रो स्टेशन के बीच यात्रियों को सड़क पार करने की मजबूरी से राहत मिलेगी.
2023 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट, लेकिन हो गया था अटक
सेक्टर‑51 और 52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला यह स्काईवॉक जून 2023 में शुरू हुआ था. करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण भी पूरा हो गया, लेकिन इसके बावजूद यह स्काईवॉक अब तक यात्रियों के लिए नहीं खोला जा सका. वजह बनी प्लानिंग की बड़ी चूक. स्काईवॉक को दोनों मेट्रो स्टेशनों से सीधे जोड़ने में उस समय गंभीर तकनीकी दिक्कत सामने आई.
सेक्टर‑51 की बीम बनी सबसे बड़ी रुकावट
सेक्टर‑51 मेट्रो स्टेशन की तरफ बीच में बनी एक मजबूत बीम स्काईवॉक के सीधे कनेक्शन में सबसे बड़ा रोड़ा बन गई. इस बीम की वजह से स्काईवॉक को सीधे स्टेशन तक ले जाना संरचनात्मक रूप से संभव नहीं रह गया. पहले इस बीम को हटाने का विकल्प सामने आया था और इसके लिए IIT से सेफ्टी रिपोर्ट लेने की भी तैयारी हुई, लेकिन बाद में अथॉरिटी ने इसे जोखिम भरा मानते हुए रूट बदलने का फैसला किया.
अब क्या है नया प्लान? जानिए पूरा रूट बदलाव
नए प्लान के तहत स्काईवॉक को डायवर्ट (मोड़) किया जा रहा है. सेक्टर‑51 की तरफ बीम वाली दीवार से पहले स्काईवॉक को लेफ्ट मोड़ दिया जाएगा. इसके बाद इसे टिकट काउंटर के पास जोड़ दिया जाएगा. सेक्टर‑52 की तरफ भी इसी तरह से रूट में बदलाव किया जा रहा है. इस बदलाव के चलते स्काईवॉक की कुल लंबाई 420 मीटर से बढ़कर करीब 520 मीटर हो जाएगी.
काम शुरू, साइट पर तीन तरफ से बैरिकेडिंग
अथॉरिटी के मुताबिक, नए रूट पर काम साइट पर शुरू हो चुका है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्काईवॉक के आसपास तीन तरफ से बैरिकेडिंग भी कर दी गई है. जिस स्काईवॉक पर पहले ही करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, उसमें अब नए कनेक्शन के लिए करीब 3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है. इसके बावजूद अथॉरिटी का कहना है कि यह खर्च जरूरी है, ताकि स्काईवॉक को सुरक्षित और उपयोगी बनाया जा सके.
कब तक यात्रियों को झेलनी पड़ेगी परेशानी
जब तक काम पूरा नहीं होता, तब तक यात्रियों को सेक्टर‑51 और 52 मेट्रो स्टेशन के बीच मेन रोड पार करनी पड़ रही है. खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और ऑफिस टाइम में सफर करने वालों को इससे लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक चला, तो 3–4 महीने में स्काईवॉक पूरी तरह तैयार होकर शुरू हो जाएगा. तब जाकर नोएडा के इस बहुप्रतीक्षित और ‘अजीब’ स्काईवॉक का असली फायदा यात्रियों को मिल पाएगा.


