बूंदी में कोटा ACB ने रिश्वत लेते वनकर्मियों को रंगे हाथों दबोचा, 50000 महीने पर डील हुई थी पक्की | Kota ACB caught forest department person red handed while accepting bribe Bundi

बूंदी में कोटा ACB ने रिश्वत लेते वनकर्मियों को रंगे हाथों दबोचा, 50000 महीने पर डील हुई थी पक्की | Kota ACB caught forest department person red handed while accepting bribe Bundi बूंदी में कोटा ACB ने रिश्वत लेते वनकर्मियों को रंगे हाथों दबोचा, 50000 महीने पर डील हुई थी पक्की | Kota ACB caught forest department person red handed while accepting bribe Bundi

Kota ACB Action: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोटा एसीबी की टीम ने सोमवार (15 जून) को तीन फॉरेस्ट गार्ड (वन रक्षक) को परिवादी से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. वहीं, इस मामले में संदेह के आधार पर एक अन्य फॉरेस्ट गार्ड को भी पूछताछ के लिए डिटेन में लिया गया है.

जेसीबी चलाने के बदले मांगे थे 1 लाख रुपये महीना

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो  के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि बूंदी के एक पीड़ित ने ACB, कोटा में शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें उसने बताया था कि वह बूंदी के लक्ष्मीपुरा में अपनी JCB मशीन से खेतों को सुधारने और खाद डालने का काम कर रहा था. जिसके बारे में 10 जून को आरोपी रूपाराम फॉरेस्ट गार्ड और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के दूसरे लोगों ने शिकायतकर्ता से JCB मशीन इस्तेमाल करने देने के बदले हर महीने 1 लाख रुपये मांगे. रिश्वत की रकम न देने पर JCB मशीन जब्त करने की धमकी दी. इसके लिए आरोपी शिकायतकर्ता को लगातार परेशान भी कर रहे थे.

 5,000 रुपये जबरन वसूले, 50 हजार पर बनी बात

रिश्वत की मांग से परेशान होकर पीड़ित ने एसीबी. कोटा में शिकायत दर्ज कराई. जहां उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा  ने शिकायत का सत्यापन करवाया. जिसमें सामने आया कि आरोपियों के जरिए 50,000 रुपये प्रतिमाह रिश्वत राशि मांगे जाने की पुष्टि हुई. हद तो तब हो गई जब सत्यापन की इस कार्रवाई के दौरान ही आरोपियों ने डरा-धमकाकर परिवादी से 5,000 रुपये की रिश्वत राशि जबरन ऐंठ ली.

बरदा डेम वन चौकी पर बिछाया जाल

रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद आज यानी 15 जून को एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया. योजना के मुताबिक परिवादी को  10,000 रुपये देकर आरोपियों के पास भेजा गया. जैसे ही आरोपी फॉरेस्ट गार्ड रूपाराम, रामावतार और विजेन्द्र ने बूंदी के बरदा डेम स्थित वन विभाग की चौकी में परिवादी से 10,000 रुपये की रिश्वत राशि हाथ में ली, वैसे ही एसीबी की टीम ने धावा बोलकर तीनों को रंगे हाथों दबोच लिया. इसके साथ ही लक्ष्मीपुरा वन चौकी से एक अन्य आरोपी फॉरेस्ट गार्ड साबूलाल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है.

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उनके ठिकानों की तलाशी सहित अग्रिम अनुसंधान जारी है.

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