नई दिल्ली:
Monsoon Update Today: मॉनसून का अब उत्तर भारत में बेसब्री से इंतजार हो रहा है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा के अलावा पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में मॉनसून कब तक आएगा, ये बड़ा सवाल बना हुआ है. हालांकि बिहार, मध्य प्रदेश तक पहुंचने के बाद मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है. हालांकि उत्तर भारत के राज्यों में अभी पश्चिमी विक्षोभ के कारण बेमौसम बारिश हो रही है. आंधी, तूफान और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ ओले भी गिर रहे हैं. राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल, पंजाब-हरियाणा से लेकर दिल्ली तक रिमझिम बारिश जगह-जगह देखने को मिल रही है. अगले एक हफ्ते तक ऐसा ही दौर रहेगा.
मॉनसून 1 हफ्ते तक निष्क्रिय हुआ
मानसून की बारिश अगले 7 दिनों तक धीमी रहेगी और इसमें 23 जून से तेजी आएगी. बड़े पैमाने पर बारिश के लिए जरूरी मौसमी हालात अभी कमजोर बने हुए हैं. कम से कम एक और हफ्ते तक मॉनसून की बारिश कम रहने की संभावना है. मौसमी मॉडल बताते हैं कि 23 जून के आसपास हालात बेहतर होने तक पहले बारिश में एक लंबा ठहराव रहेगा. आने वाले सप्ताह में मॉनसून की भारी बारिश के बजाय ज्यादातर बारिश पश्चिमी विक्षोभ और आंधी-तूफान से होने की उम्मीद है.
पश्चिमी विक्षोभ से प्री मॉनसून की बारिश
- 17 से 19 जून तक दिल्ली में बादल छाए रहेंगे
- 20 और 21 जून को एनसीआर में बारिश
- जम्मू-कश्मीर में 15-16 जून को बरसात
- उत्तराखंड में 16 से 19 जून को आंधी, बारिश
- हिमाचल प्रदेश में 18, 19 जून को बारिश
- पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 19 से 21 तक बारिश
Monsoon Rain Alert Weather News
मौसम विज्ञानी ने बताया- क्यों मॉनसून की रफ्तार थमी
NDTV से बातचीत में भारत मौसम विज्ञान विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार थम गई है.इसकी वजह यह है कि मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम की स्थितियां अभी अनुकूल नहीं हैं.पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी मॉनसून की गति धीमी पड़ गई है. मुंबई में मॉनसून के आने की सामान्य तारीख 11 जून है, लेकिन इस साल मॉनसून में देरी हुई है.
भारत मौसम विभाग (INDIA MET DEPT) का कहना है कि 18 से 22 जून के दौरान एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं या काफी इलाकों में बारिश होने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. वहीं 19 जून तक विदर्भ में 18 जून तक तेलंगाना में और 17 जून तक छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर लू (हीट वेव) चलने की बहुत संभावना है.
हालांकि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, के बाकी हिस्सों और तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और बिहार के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है.अगले 6-7 दिनों के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और असम और मेघालय में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
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दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान
कर्नाटक-आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु बॉर्डर वाले इलाके और पूर्वी घाट में भी आंधी-तूफान आने की संभावना है. इससे कुछ जगहों पर हल्की से भारी बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. पिछले चार-पांच दिनों में मुंबई समेत महाराष्ट्र के बाकी के हिस्सों, कर्नाटक के बाकी इलाकों, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल बने हुए थे.
Advance of Southwest Monsoon 2026
❖ The Southwest Monsoon has further advanced into remaining parts of Andhra Pradesh, West Bengal & westcentral Bay of Bengal, some more parts of Telangana, Odisha, Jharkhand & Bihar, today the 15th June, 2026.
❖ The Northern Limit of Monsoon… pic.twitter.com/wvbTBJc3Ce
— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 15, 2026
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसून का आगे बढ़ना और मॉनसून की बारिश की गतिविधियां हमेशा एक जैसी नहीं होती हैं. बड़े पैमाने पर बारिश के लिए जरूरी वायुमंडलीय परिस्थितियां अभी कमजोर बनी हुई हैं.
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