ये कोलकाता में ही संभव है, एक ही दुकान पर चाय पर चर्चा करते दिखे बीजेपी और लेफ्ट उम्मीदवार

ये कोलकाता में ही संभव है, एक ही दुकान पर चाय पर चर्चा करते दिखे बीजेपी और लेफ्ट उम्मीदवार ये कोलकाता में ही संभव है, एक ही दुकान पर चाय पर चर्चा करते दिखे बीजेपी और लेफ्ट उम्मीदवार

कोलकाता की सुबह और चाय की दुकान यह एक ऐसा दृश्य है जो आपको पूरे शहर में दिखेगा. ऐसी ही एक जगह है कोलकाता के रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र में नाम है राधु बाबू टी स्टॉल. एक छोटी सी दुकान है जहां मिलता है ऑमलेट और पांव रोटी. सुबह यहां भीड़ रहती है जहां पर कई फिल्मकार, कलाकार और कला संस्कृति जगत से जुड़ी कई हस्तियां आपको मिल जाएगी. यहीं पर मिले बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ रहे स्वप्न दासगुप्ता जो यहां चाय पी रहे थे. हैरानी तब हुई जब पता चला कि स्वप्न दा के साथ लेफ्ट उम्मीदवार भी चाय पी रहे थे.

चाय की दुकान पर BJP और लेफ्ट उम्मीदवार पी रहे थे चाय

NDTV की टीम को बीजेपी उम्मीदवार स्वप्न दासगुप्ता ने ही लेफ्ट की तरफ से चुनाव लड़ रहे मानस घोष से मिलाया. दोनों उम्मीदवार एक ही सीट से अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ रहे थे. यानी दोनों ही एक दूसरे के विरोधी हैं. राजनीति में ऐसे दृश्य कम ही देखने को मिलते हैं, जब बीजेपी और लेफ्ट के उम्मीदवार साथ बैठ कर चाय पी रहे हों.

TMC उम्मीदवार भी थोड़ी देर पहले निकले

थोड़ी देर बातचीत करने पर बीजेपी उम्मीदवार स्वप्न दासगुप्ता ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक देबाशीश कुमार अभी अभी चाय पी कर प्रचार के लिए निकले हैं. यहां अक्सर तीनों उम्मीदवार आपस में टकरा जाते हैं, साथ बैठते हैं, चाय पीते हैं, बातें करते हैं और फिर अपने अपने प्रचार में निकल जाते हैं.

इस तरह का उम्मीदवारों का व्यवहार आपको कोलकाता में ही दिख सकता है. ऐसा नहीं है कि पूरे बंगाल में सभी दलों के उम्मीदवार आपस में ऐसे ही मिलते हों. बंगाल राजनीतिक हिंसा के लिए जाना जाता रहा है. लेकिन कोलकाता की बात ही अलग है. स्वप्न दासगुप्ता कहते हैं कि यहां बहुत अच्छा कल्चर है. देखते हैं कि ऐसा कब तक चलता है. वहीं सीपीआईएमएल के मानस ने कहा कि कि हम राजनीतिक विरोधी हैं, लेकिन हमारी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. हमारी विचारधारा की लड़ाई है. 

स्वप्न दासगुप्ता ने कहा कि कि मानस जाधवपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं. उनसे दुश्मनी नहीं हो सकती.यह भद्र मानुष है. मानस घोष ने कहा कि हम सभा में बीजेपी पर हमला करते हैं मगर वहां भी उम्मीदवार के बारे में नहीं बोलते. लेकिन स्वप्न दासगुप्ता ने कहा कि ऐसा आपको हर जगह नहीं मिलेगा इस इलाके में हमने यह मेंटेन करके रखा है.

यह काफी सच भी है. पूरे देश में चुनाव के दौरान उम्मीदवार आमने सामने आ जाते हैं. कहीं लड़ाई हो जाती है, तो कहीं गोली तक चल जाती है. कुछ जगहों पर नमस्कार नमस्ते भी हो जाता है. मगर कोलकाता जैसा दृश्य नहीं दिखता जहां साथ बैठ कर चाय पी रहे हों.

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