असम और पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं. अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि जब वर्षों की साधना, सिद्धि में बदलती है, तो चेहरे पर जो खुशी होती है, वो खुशी आज मैं देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे पर देख रहा हूं. पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में बीजेपी के नए अध्यक्ष नितिन नवीन का भी धन्यवाद किया.
पीएम मोदी ने कहा कि हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा होता है लेकिन 5 राज्यों के नतीजों ने पूरे विश्व को दिखाया है कि हमारा भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों है. लोकतंत्र हमारे लिए सिर्फ एक तंत्र नहीं है, यह हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है. और आज सिर्फ भारत का लोकतंत्र ही नहीं जीता है, आज भारत का संविधान भी जीता है. हमारी संवैधानिक संस्थाएं जीती हैं. हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में करीब 93 फीसदी मतदान होना, अपने आप में ऐतिहासिक रहा है. असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरलम में भी मतदान के नए रिकॉर्ड बने हैं. इसमें भी महिलाओं की भागीदारी बहुत अधिक रही है. ये भारतीय लोकतंत्र की सबसे उजली तस्वीर बन रही है. मैं आज चुनाव आयोग को, चुनाव आयोग के सभी कर्मचारी भाई-बहनों को, जो भी मतदान से जुड़े प्रक्रिया के सारे कर्मी थे, साथ-साथ विशेष तौर पर सुरक्षाबलों का भी, मैं आज बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं. भारत के लोकतंत्र की गरिमाओं को बनाए रखने में आप सबका योगदान इतिहास हमेशा-हमेशा याद रखेगा.
उन्होंने कहा कि पिछले साल 14 नवंबर को जब बिहार चुनाव के नतीजे आए थे, तब मैंने इसी जगह से आप सबको कहा था गंगाजी बिहार से आगे बहते हुए गंगासागर तक जाती है. आज बंगाल की जीत के साथ गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक कमल ही कमल खिला हुआ है. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल. आज मां गंगा के इर्द-गिर्द बसे इन राज्यों में बीजेपी-एनडीए सरकार है.
उन्होंने कहा कि 2013 में बीजेपी ने मुझे प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में भी काम दिया और जब मैं काशी में अपना नामांकन भरने गया था और पत्रकारों ने मुझे घेर लिया, तो मेरे हृदय से ध्वनि निकली थी और मैंने कहा था- न मैं आया हूं, न मुझे किसी ने भेजा है, मां गंगा ने मुझे बुलाया है. और आज हर पल अनुभव कर रहा हूं कि मां गंगा के आशीर्वाद निरंतर हम सब पर अपनी कृपा बरसा रहे हैं. गंगाजी के साथ-साथ ब्रह्मपुत्र का भी हम पर बहुत आशीर्वाद रहा है. मां कामाख्या का आशीर्वाद रहा है. असम की जनता ने लगातार तीसरी बार बीजेपी-एनडीए पर भरोसा किया है. असम के इतिहास की बहुत बड़ी घटना है. असम के टी गार्डन वाले क्षेत्रों में भी बीजेपी को अभूतपूर्व समर्थन मिला है.
उन्होंने कहा कि साल 2021 में हमने पुडुचेरी की जनता के सामने बेस्ट पुडुचेरी का विजन रखा था. पुडुचेरी की जनता ने उस विजन पर विश्वास जताया, हमें अपना आशीर्वाद दिया था. पिछले 5 साल में हमारी एनडीए सरकार ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इस विजन को गति देने का काम किया है. और आज एक बार फिर पुडुचेरी की जनता ने एनडीए पर अपना विश्वास व्यक्त किया है. मैं पुडुचेरी के युवाओं को, मेहनती मछुआरों को भी विश्वास दिलाता हूं कि एनडीए सरकार आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर काम करती रहेगी. पुडुचेरी के हर परिवार की समृद्धि हमारा संकल्प है.
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं. हमारा मंत्र है- नागरिक देवो भव. हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं. और इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है. जनता साफ देख रही है, जहां भाजपा, वहां गुड गवर्नेंस. जहां भाजपा, वहां विकास. आप बीते दो साल के ट्रेंड को देखिए, हरियाणा में लगातार तीसरी बार बीजेपी सरकार बनी. महाराष्ट्र में बीजेपी की जोरदार विजय हुई. दिल्ली में विजय हासिल हुई. बिहार में भी हमें पहले से बड़ी जीत मिली. ये सफलता सिर्फ राज्यों के चुनाव में नहीं दिखी. ये सफलता लोकल गवर्नेंस के चुनाव में भी दिख रही है. अभी 10 दिन पहले गुजरात के स्थानीय निकायों के नतीजे आए, वहां बीजेपी ढाई-तीन दशक से जनता की सेवा कर रही है. हर चुनाव में जनता बीजेपी को आशीर्वार के नए रिकॉर्ड बना रही है. गुजरात में इश बार बीजेपी को हाइएस्ट वोट शेयर मिला है. ये भाजपा की नीतियों की सफलता का बहुत बड़ा उदाहरण है.
उन्होंने कहा कि आज भाजपा कार्यकर्ता के रूप में मेरे मन में बार-बार एक और बात आ रही है. और वो बात है कि श्यामाप्रसाद मुखर्जी की आत्मा को आज कितनी शांति मिली होगी. उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना करके हर कार्यकर्ता को संदेश दिया था कि देश के लिए जीना है और देश के लिए मरना है. राष्ट्र सर्वोपरि का मंत्र लेकर चलने वाले अपना जीवन देने में एक पल का भी संकोच नहीं करते. डॉ. मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी. उन्होंने जिस सशक्त और समृद्ध बंगाल का सपना देखा था, वो सपना कई दशकों से पूरा होने का इंतजार कर रहा था. आज 4 मई 2026 को बंगाल की जनता ने हम भाजपा कार्यकर्ताओं को वो अवसर दिया है. बंगाल के भाग्य में आज से एक नया अध्याय जुड़ गया है. आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है. विकास के भरोसे से युक्त हुआ है. बांग्ला ए पोरिबोर्तन होए गए छे. इस जीत के साथ-साथ वंदे मातरम के 150वें वर्ष में भारत माता को और ऋषि बंकिम जी को बंगाल के लोगों ने अपना सादर नमन प्रेषित किया है. योगीराज अरबिंदो को भी मतदाताओं ने ऐतिहासिक श्रद्धांजलि दी है.
उन्होंने कहा कि बंगाल में हमारे कितने ही कार्यकर्ताओं ने अपना जीवन इस जीत के लिए समर्पित किया है. भाजपा की कितनी महिला कार्यकर्ताओं को तमाम अत्याचार सहने पड़े हैं. आप कल्पना नहीं कर सकते कि केरल और बंगाल में भाजपा के हर कार्यकर्ता को कितनी मुसीबतें झेलनी पड़ी हैं. उन पर कितने जुल्म हुए हैं. कितने अत्याचार हुए हैं. मैं आज बंगाल में भाजपा की सफलता का श्रेय ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को उनके परिवारों को देता हूं. मैं ये जीत बंगाल की जनता को समर्पित करता हूं.
पीएम मोदी ने कहा कि 4 मई की शाम भले ही ढल रही हो लेकिन बंगाल की पावन धरा में एक नया सूर्योदय हुआ है. एक ऐसा सवेरा जिसका इंतजार पीढ़ियों ने किया है. भाजपा ने जितनी सीटें जीतीं, वो महज एक चुनावी आंकड़ा नहीं है. ये उस अडिग विश्वास की हुंकार है, जिसने डर, तुष्टिकरण और हिंसा की राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंका है. आज से बंगाल के भविष्य की एक ऐसी यात्रा शुरू हो रही है, जहां विकास, अटूट विश्वास और नई उम्मीदें कदम से कदम मिलाकर चलेगी. मैं आज हर बंगालवासी को भरोसा देता हूं कि बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा दिन रात एक कर देगी. बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा. युवाओं को रोजगार मिलेगा. पलायन रुकेगा. पहली कैबिनेट में ही आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी. और घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी.
उन्होंने कहा कि इस महाविजय की दहलीज पर खड़े होकर हम गुरुदेव टैगोर को भी याद कर रहे हैं. 9 मई का दिन दूर नहीं है. हमारा संकल्प भी वही होना चाहिए, जो उनका स्वप्न था. एक ऐसा परिवेश जहां मन, भयमुक्त हो और सिर ऊंचा हो. बीजेपी बंगाल में ऐसा भयमुक्त वातावरण बनाकर दिखाएगी, ये मोदी की गारंटी है.
पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल के ये चुनाव एक और वजह से खास रहे हैं. आप याद कीजिए बंगाल चुनाव के समय कैसी खबरें आती थीं. हिंसा, डर और निर्दोष लोगों की मौतें. लेकिन इस बार पूरे देश ने एक नई खबर सुनी. पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ. पहली बार ऐसा हुआ कि चुनावी हिंसा में एक भी निर्दोष नागरिक की जान नहीं गई. लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज नहीं, जनता-जनार्दन की आवाज गूंजी. पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है.
उन्होंने कहा कि आज जब बंगाल ने परिवर्तन के नए दौर में प्रवेश किया है तो मैं बंगाल के हर राजनीतिक दल से एक आग्रह भी करना चाहता हूं. बंगाल में बीते दशकों में राजनीतिक हिंसा की वजह से न जाने कितनी जिंदगियां बर्बाद हो चुकी हैं. मेरा साफ मानना है कि आज से बंगाल की चुनावी आदतें जो फैलीं हुई हैं, उसमें बदलाव आना चाहिए. आज जब भाजपा जीती है, तो बदला नहीं बदलाव की बात होनी चाहिए. भय नहीं, भविष्य की बात होनी चाहिए. मेरी सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील है, हिंसा के इस अंतहीन चक्र को हमेशा के लिए खत्म करें. किसने किसे वोट दिया, किसे नहीं दिया, उससे ऊपर उठकर बंगाल की सेवा के लिए काम करें.
उन्होंने कहा कि इन राज्यों में चुनाव और उसके नतीजों की राजनीतिक एक्सपर्ट्स अपने-अपने तरीके से समीक्षा कर रहे हैं लेकिन इन नतीजों की एक अहम बात और है, इनकी टाइमिंग. आप देख रहे हैं कि जब इन राज्यों में जनता वोट डाल रही थी, तो इसी दौरान विश्व में क्या कुछ नहीं चल रहा था. जगह-जगह युद्ध के सायरन बज रहे थे. अस्थिरता और अराजकता का माहौल रहा. वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं संकट में दिखीं. उस दौरान भारत का जन-जन स्थिरता के लिए वोट दे रहा था.
आज पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट का पूरे विश्व पर बुरा असर पड़ा है लेकिन भारत पूरे सामर्थ्य से इस संकट का सामना कर रहा है. इस चुनाव परिणाम ने दिखाया है कि भारत इस चुनौती में भी एकजुट है, एकमत है, एकलक्ष्य से संकल्पित है. और वो लक्ष्य है विकसित भारत. विकसित भारत की संकल्प की सिद्धि में पूर्वोदय का बहुत बड़ा महत्व है. जब भारत समृद्ध था- आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सामर्थ्य के चरम पर था तो उसके तीन मजबूत स्तंभ थे. अंग यानी आज का बिहार, बंग यानी आज का बंगाल और कलिंग यानी आज का ओडिशा. कलिंग उस समय हिंद महासागर में व्यापार का एकछत्र का सम्राट था. अंग सूत, रेशम और अन्य व्यापार के साथ-साथ नालंदा और विक्रमशीला का हब था. और बंग वो सांस्कृतिक धरती थी जहां से भारत की आत्मा की आवाज उठती थी. गुलामी के कालखंड में जैसे-जैसे समृद्ध भारत के मजबूत पिलर कमजोर होते गए, भारत का सामर्थ्य भी क्षीण होता गया. इसलिए विकसित भारत के निर्माण के लिए इन तीनों स्तंभों का फिर से मजबूत होना बहुत जरूरी है. और मुझे गर्व है कि अंग, बंग और कलिंग ने इस महाअभियान के लिए बीजेपी को चुन लिया है. एनडीए पर भरोसा किया है.
विकसित भारत के निर्माण का एक और मजबूत पिलर नारीशक्ति है. लेकिन नारीशक्ति की इस रफ्तार को कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कुछ दिन पहले रोकने का काम किया है. इन नारी विरोधी दलों ने संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन को पास नहीं होने दिया और इसलिए मैंने कुछ दिन पहले कहा भी था कि महिलाओं के आऱक्षण का विरोध करने वाले ऐसे दलों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा. आज कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके को बहनों-बेटियों ने सजा दी है. केरलम में लेफ्ट के 10 सालों के कुशासन का फायदा कांग्रेस को जरूर मिला है लेकिन मुझे विश्वास है कि केरलम की बहनें भी अगले चुनावों में कांग्रेस को जरूर सबक सिखाएगी.
उन्होंने कहा कि जिस समाजवादी पार्टी ने संसद में महिला आरक्षण को रोका है, उसे भी यूपी की महिलाओं का आक्रोश सहना पड़ेगा. महिला विरोधी समाजवादी पार्टी कुछ भी करके अपने पाप को कभी धुल नहीं पाएगी. आज हम भारत की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देख रहे हैं. आज पूरे देश में एक भी राज्य ऐसा नहीं है, जहां कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार हो. ये सिर्फ सियासत का बदलाव नहीं है, ये सोच का बदलाव है. ये बताता है कि विकसित होता हुआ भारत किस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है. आज का भारत अवसर चाहता है, विकास चाहता है, विश्वास चाहता है. आज का भारत प्रगति चाहता है, स्थिरता चाहता है और आज का भारत ऐसी राजनीति चाहता है जो देश को आगे बढ़ाए, लेकिन दुर्भाग्य से आज की कांग्रेस बिल्कुल विपरित दिशा में चल पड़ी है. ऐसे समय में जब पूरा देश कम्युनिज्म से किनारा कर चुका है, कांग्रेस उसी विचारधारा को अपनाने में लगी है, जिसे देश ने ठुकरा दिया है. जो माओवाद जंगलों में समाप्त हो रहा है, वो अब कांग्रेस में अपनी जड़ें मजबूत कर चुका है. इसलिए कांग्रेस अर्बन नक्सलियों का गिरोह बनती जा रही है. कांग्रेस को एक बात नहीं भूलनी चाहिए जिस विचार को जनता ने ठुकराया, उसे जो अपनाया, जनता उसे भी ठुकराएगी.
उन्होंने आगे कहा कि आज देश का हर राज्य भी एक -दूसरे से लड़कर नहीं, एक-दूसरे से मिलकर आगे बढ़ना चाहता है. बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में जिन तीन सरकारों को सत्ता से बाहर किया, उनकी एकसमान पहचान थी- विभाजन की राजनीति. उनकी राजनीति जोड़ने की नहीं, तोड़ने की थी. कभी भाषा के नाम पर विवाद खड़ा किया गया, कभी खाने-पीने की आदतों को समाज को बांटने की कोशिश हुई और कभी अपने देश के लोगों को बाहरी तक कहा गया. लेकिन भारत की जनता ने इस राजनीति को साफ जवाब दिया है. जनता को विकास चाहिए, विभाजन नहीं विश्वास चाहिए.
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस ने देश के करीब-करीब हर राज्य में सरकारें बनाईं लेकिन जैसे-जैसे आजादी के आंदोलन का इमोशन से आगे निकलकर देश धरातल के काम पर लौटा, वैसे-वैसे कांग्रेस जनता का भरोसा खोती चली गई. बीते दशकों में देश में युवाओं की अनेक पीढ़ियां जोड़ी हैं लेकिन कांग्रेस घटती ही चली गई है. कांग्रेस देश की संस्कृति को नहीं समझ पाई. देश की संवेदनाओं को समझ नहीं पाई. कांग्रेस महात्वाकांक्षा की राजनीति जानती ही नहीं. बीजेपी के लिए भारत और भारतीयता के भाव से बढ़कर कुछ नहीं है. बीजेपी सिर्फ नेशनल पार्टी ही नहीं है, ये रीजनल एस्पीरेशन से नेशनल एंबिशन को पूरा करने की पार्टी है. इसलिए बीजेपी अपने विचार, विजन और विकास के विश्वास पर खरा उतरकर देश की पसंद बन रही है, जनता के आशीर्वाद प्राप्त कर रही है. भाजपा परिवार की नहीं, जमीन से जुड़ी राजनीति करती है. इसलिए आज नॉर्थईस्ट भाजपा से जुड़ता है. पूरा आदिवासी अंचल बीजेपी को प्रचंड जनादेश मिल रहा है. देश के मछुआरों का समर्थन बीजेपी के साथ है. किसानों की पसंद बीजेपी है.
पीएम मोदी ने आखिरी में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आकांक्षा सर्वोपरि है. तमिलनाडु की जनता ने एक नया प्रयोग किया है. मैं यूडीएफ को भी बधाई देता हूं. मैं तमिलनाडु और केरलम को विश्वास दिलाता हूं कि भारत सरकार इन राज्यों के विकास के लिए भी कंधे से कंधे मिलाकर चलेगी. हम बंगाल, असम और पुडुचेरी की जनता की हर उम्मीद, अपेक्षा को अपनी सेवा से पूरा करेंगे. इसी विश्वास के साथ बंगाल, असम औरपुडुचेरी में एक बार फिर से बीजेपी-एनडीए को विजयी बनाने के लिए, लोकतंत्र को विजयी बनाने के लिए मैं सभी नागरिकों का, सभी मतदाताओं का और सभी देशवासियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. सिर झुकाकर उनका ऋण स्वीकार करता हूं.


