हरियाणा में विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों को पिछले महीने हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान कथित तौर पर ‘क्रॉस-वोटिंग’ करने के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन का गंभीर संज्ञान लेते हुए, पार्टी ने पांच विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया.
किन विधायकों को किया निलंबित?
उन्होंने कहा कि राज्य अनुशासन समिति की सिफारिश और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद यह कार्रवाई की गई है. नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी, साढौरा विधायक रेणु बाला, पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास, हथीन सीट से विधायक मोहम्मद इसराइल और रतिया से विधायक जरनैल सिंह पर पार्टी की आधिकारिक लाइन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था. प्रदेश कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (डीएसी) ने हाल में पांच विधायकों के निलंबन की सिफारिश की थी.
समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने कहा था कि समिति ने एक रिपोर्ट तैयार की है और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में पांच पार्टी विधायकों द्वारा कथित ‘क्रॉस-वोटिंग’ के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व को अपना निर्णय बता दिया है. समिति ने विधायकों को निलंबित करने की सिफारिश की थी. डीएसी ने विधायकों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिसों के जवाबों की जांच की.
कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा कथित ‘क्रॉस वोटिंग’ ने पार्टी के लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर दी. गिनती के दौरान कांग्रेस के चार वोट भी अमान्य घोषित कर दिए गए. विधायक शैली चौधरी, बाला और जरनैल सिंह ने बाद में आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनके नाम अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटे जा रहे हैं और उन्होंने पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में ही मतदान किया था. पांचों विधायकों में से चौधरी, बाला और जरनैल सिंह ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया था.
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