नेपाल की बालेन सरकार पर 2 हफ्ते में दूसरा दाग, श्रम मंत्री के बाद अब गृह मंत्री विवादों में, जानें पूरा मामला

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भ्रष्टाचार पर प्रहार और साफ-सुथरी राजनीति का वादा करके सत्ता में आई नेपाल की बालेंद्र शाह सरकार शपथ ग्रहण के एक महीने के अंदर ही मुश्किलों में घिर गई है. सरकार बनने के कुछ ही दिन बाद श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह को अनुशासनहीनता के आरोप में हटा दिया गया था. अब नेपाल के गृह मंत्री सूदन गुरुंग के ऊपर भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं. उनके इस्तीफे की मांग हो रही है. 

कौन हैं सूदन गुरुंग?

  • 38 वर्षीय सूदन गुरुंग नेपाल में 2025 में हुए Gen Z विद्रोह के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं. 
  • राजनीति में आने से पहले वह इवेंट मैनेजमेंट फील्ड से जुड़े थे. 
  • गुरुंग डीजे थे और OMG नाम का नाइटक्लब चलाते थे. 
  • बाद में उन्होंने हामी नेपाल नाम से एक एनजीओ की स्थापना की. 
  • ये एनजीओ 2025 के भूकंप, कोरोना महामारी और अन्य आपदाओं के दौरान राहत कार्यों में सक्रिय था.
  • बालेन शाह सरकार में 27 मार्च को गुरुंग को नेपाल के गृह मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी. 

विपक्ष ही नहीं, अपनों ने भी खोला मोर्चा

विपक्षी नेपाली कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने गृह मंत्री सूदन गुरुंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनके ऊपर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं. उन्हें तुरंत बर्खास्त करने की मांग हो रही है. विपक्षी दल ही नहीं, खुद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के कई नेता भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. 

मनी लॉन्ड्रिंग आरोपी से संबंध?

गुरुंग के ऊपर विवादित कारोबारी दीपक भट्टा से व्यापारिक संबंधों के आरोप लग रहे रहे हैं. दीपक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जांच चल रही है. उसे 1 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल नेपाल पुलिस का केंद्रीय जांच ब्यूरो उससे पूछताछ कर रहा है.

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री सूदन गुरुंग के निवेश और दीपक भट्टा की कंपनियों के बीच संदिग्ध संबंध पाए गए हैं. आरोप है कि गुरुंग ने दो कंपनियों- लिबर्टी माइक्रो लाइफ इंश्योरेंस और स्टार माइक्रो इंश्योरेंस में 25-25 हजार शेयर खरीदे थे. ये कंपनियां दीपक भट्टा और जगदंबा ग्रुप की बताई जाती हैं. 

सूदन गुरुंग का क्या कहना है?

सूदन गुरुंग ने हालांकि वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. द हिमालयन टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने दोनों कंपनियों में 50 लाख के शेयर होने की बात मानी है. साथ ही बचाव करते हुए कहा है कि जिस व्यक्ति की मंशा संपत्ति छिपाने की होती है, वह 2 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की खुलेआम घोषणा नहीं करता. उन्होंने दावा किया कि शेयरों में उनका निवेश पारदर्शी है. यह केवल उन्हें क्लासिफाई (वर्गीकृत) करने की गलती हो सकती है. कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं की जा रही है. 

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दो हफ्ते पहले श्रम मंत्री हटाए गए थे

सूदन गुरुंग से पहले नेपाल के नवनियुक्त श्रम मंत्री दीपक कुमार साह विवादों में फंसे थे. आरएसपी ने नैतिकता का हवाला देते हुए उन्हें मंत्री पद से हटा दिया था. साह पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड में नियुक्त कराया था. पार्टी की केंद्रीय अनुशासन समिति ने इसे पद का दुरुपयोग माना और प्रधानमंत्री बालेन शाह ने उन्हें तुरंत बर्खास्त कर दिया था. हालांकि इतनी जल्दबाजी में बर्खास्तगी पर सवाल भी उठे थे.

विपक्षी दलों के अलावा अब बालेन शाह की पार्टी में से ही आवाजें उठ रही हैं कि अगर दीपक साह को अपनी सफाई पेश करने का मौका दिए बिना हटाया जा सकता है तो गृह मंत्री गुरुंग के खिलाफ तो मनी लॉन्ड्रिंग लिंक जैसे गंभीर आरोप हैं, उस पर चुप्पी क्यों साधी जा रही है?  किसी भी गलत काम पर पर्दा नहीं डाला जाना चाहिए. पूरी निष्पक्षता के साथ मामले की जांच होनी चाहिए. 





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