असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सामने आए एग्जिट पोल्स में BJP गठबंधन को 85-100 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. दावा किया गया है कि कांग्रेस “मुस्लिम एकीकरण” पर निर्भर है, जबकि बीजेपी को SC, ST, OBC और अपर कास्ट हिंदू वोट भर-भरकर मिले हैं. लेकिन हकीकत ये है कि BJP को मुस्लिम वोट भी अच्छी खासी तादाद में मिल रहे हैं. गुरुवार को सामने आए टुडेज चाणक्या के एग्जिट पोल में बीजेपी को 14% मुस्लिम वोट मिलने का आकलन किया गया है.
मुस्लिम बहुल इलाकों में BJP की पैठ
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद पिछले साल मई में कहा था कि मुस्लिम इलाकों में BJP की पैठ बढ़ रही है. 2025 में असम में हुए पंचायत चुनावों में “मुस्लिम बहुल इलाकों में BJP की पैठ” उस समय का बड़ा टेकअवे था.
- नलबारी, बरपेटा, गोलपारा में 90-100% मुस्लिम आबादी वाली जिला परिषद सीटें BJP ने जीतीं.
- होजाई, धिंग, समागुरी जैसी 90% मुस्लिम सीटों पर BJP हार गई, पर 30-35% वोट लेने में सफल रही.
लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी के वोट बढ़े
2024 के लोकसभा चुनाव में “करीमगंज सीट पर BJP को अच्छे मुस्लिम वोट मिले”. असम में मुस्लिम 40% हैं, फिर भी BJP का वोट शेयर 39% से बढ़कर 46% हो गया.
बीजेपी को मुस्लिम वोट मिलने के 3 बड़े कारण
- लाभार्थी स्कीम में “भेदभाव नहीं” का नैरेटिवः पब्लिक को ये बताया गया कि लाभार्थी योजनाओं में मुस्लिमों से भेदभाव नहीं किया जाता है. विकास परियोजनाओं और योजनाओं में सबको बराबर हिस्सेदारी दी गई है. ओरुनोदोई, राशन, आवास जैसी DBT स्कीमों का फायदा मुस्लिम महिलाओं तक भी पहुंचा. यही वजह है कि BJP को मुस्लिम वोटरों खासकर महिलाओं में स्वीकार्यता मिली है.
- असमिया मुस्लिम vs बंगाली-भाषी मुस्लिमों का फर्कः मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा 3% “इंडिजिनस असमिया मुस्लिम” और 31% “माइग्रेटेड मुस्लिम” में फर्क करते हैं. असमिया मुस्लिमों का एक हिस्सा BJP की “जाती-माटी-भेटी” और घुसपैठ-विरोधी लाइन से सहमत है.
- कांग्रेस का “पूरी तरह मुस्लिम पार्टी” बनने का दावाः 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद दावा किया जाता है कि “कांग्रेस पूरी तरह मुस्लिम पार्टी बन गई”. इससे गैर-मुस्लिम वोट BJP में कंसोलिडेट हुआ, और कुछ मुस्लिम वोटर जो AIUDF-कांग्रेस की ध्रुवीकरण राजनीति से तंग थे, वो भी BJP की तरफ शिफ्ट हुए.
BJP को 14% मुस्लिम वोट का आंकड़ा कैसे आया?
टुडेज चाणक्या ने बीजेपी को 14% मुस्लिम वोट मिलने का अनुमान लगाया है. अगर 14% का मतलब कुल वोट शेयर से है, तो Matrize के एग्जिट पोल में BJP+ को 45.5% वोट दिख रहा है. असम में 34% मुस्लिम हैं. अगर BJP को कुल मुस्लिम वोटों का एक तिहाई भी मिला, तो वो 10-12% कुल वोट बनता है. पंचायत चुनाव के नतीजे बताते हैं कि 40-45% मुस्लिम आबादी वाली सीटें BJP जीत रही है.
जाहिर है कि “मुस्लिम-विरोधी” छवि के बावजूद बीजेपी को मुसलमान समुदाय के वोट मिल रहे हैं. इसकी 3 प्रमुख वजहें हैं- पार्टी को सरकार की योजनाओं का फायदा मिलता दिख रहा है. इसके अलावा असमिया बनाम बंगाली मुस्लिम डिवाइड का फैक्टर भी काम कर रहा है. तीसरा, कांग्रेस के कमजोर होने से जनता विकल्प तलाश रही है. असमिया मुस्लिम जो घुसपैठिया मुस्लिम के खिलाफ है, उसका झुकाव बीजेपी की तरफ बढ़ रहा है.


